Saturday, December 8, 2012

पिछले एक साल में भ्रष्टाचार बढ़ा



नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत में भ्रष्टाचार के खिलाफ भले ही आंदोलन चल रहे हैं, लेकिन आम आदमी को इससे राहत नहीं है। एक अध्ययन में कहा गया है कि बड़े शहरों में झुग्गियों में रहने वाले 60 फीसद से अधिक लोगों का मानना है कि पिछले एक साल में भ्रष्टाचार में इजाफा हुआ है। ‘सीएमएस इंडिया करप्शन स्टडी 2012’ ने कहा कि सार्वजनिक सेवाओं में भ्रष्टाचार पिछले बारह महीनों बढ़ा है जबकि इस दौरान देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कई आंदोलन हुए। ‘सेंटर फार मीडिया स्टडीज’ द्वारा यह अध्ययन अहमदाबाद, बेंगलुरू, भुवनेर, चेन्नई, दिल्ली, हैदराबाद, गोवा, कोलकाता और मुंबई की झुग्गियों में किया गया। इसमें कहा गया कि इन सभी शहरों में झुग्गियों में रहने वालों ने कहा कि पुलिस सेवा में विशेष रूप से भ्रष्टाचार बढ़ा है। शुक्रवार को जारी अध्ययन में कहा गया कि 2012 में नौ बड़े शहरों में झुग्गियों में रहने वाले पचास फीसद से अधिक लोगों का मानना है कि पिछले 12 महीनों में सार्वजनिक सेवाओं में भ्रष्टाचार में इजाफा हुआ है जबकि करीब 29 फीसद की राय है कि सावर्जनिक सेवाओं में भ्रष्टाचार लगातार बना हुआ है। करीब 88 फीसद लोगों ने कहा कि उन्हें पिछले एक साल में पुलिस सेवा में भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ा। अध्ययन ने कई रूचिकर बातों पर भी प्रकाश डाला जिसमें पुलिस को ‘अक्सर दी जाने वाली राशि’ शामिल थी। यह राशि पांच सौ रुपए थी और दिल्ली में एक झुग्गीवासी द्वारा पुलिस को आवासीय प्लाट के लिए सात हजार रुपए दिए गए। कोलकाता में एक झुग्गीवासी ने मासिक राशन के लिए पांच रुपए दिए। इस सव्रेक्षण के अनुसार, अहमदाबाद में सव्रेक्षण में शामिल लोगों में से 23 फीसद को ही इस साल भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ा जबकि 2008 में यह आंकड़ा 41 फीसद था। हालांकि अन्य शहरों में इस आंकड़े में बढोत्तरी दर्ज की गई और मुंबई में 96 फीसद झुग्गीवासियों का कहना है कि वह भ्रष्टाचार के शिकार हैं। 2008 में यह केवल 17 फीसद था। यह अध्ययन ऐसे समय आया है जब सामाजिक संगठन मजबूत लोकपाल विधेयक की मांग कर रहे हैं। अध्ययन में कहा गया कि वर्ष 2008 के बाद से शहरी भारत में भ्रष्टाचार की घटनाएं 34 फीसद से 67 फीसद बढ़ी हैं। जितने लोगों से रित देने के लिए कहा गया, उनमें से 84 फीसद ने सेवाएं लेने के लिए रित दी। इसमें कहा गया कि लोगों ने मासिक राशन, राशन कार्ड, नया बिजली कनेक्शन, जल आपूर्ति, कूड़ा करकट हटाने, अस्पतालों में ओपीडी कार्ड बनाने, प्राथमिकी दर्ज कराने या पुलिस रिकार्ड से आरोपी का नाम हटाने के लिए रित दी। झुग्गीवालों ने कहा, पुलिस सेवा में विशेष रूप से बढ़ा है भ्रष्टाचार, जबकि इस दौरान देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कई आंदोलन हुए अध्ययन
1.       Rashtirya sahara National edition 8-12-2012 Page -2 Hkz”Vkpkj)