Saturday, January 7, 2012

बिहार में खिलाडि़यों की खुराक खा गए डीएसओ

बिहार में खेलों की उन्नति व खिलाडि़यों की बेहतरी के लिए मिली धनराशि पर अधिकारी डाका डाल रहे हैं। सूबे की राजधानी पटना में तैनात अफसर तो खिलाडि़यों के नाश्ते-खाने पर भी हाथ साफ कर रहे हैं। ऐसा ही गड़बड़झाला हुआ है पंचायत युवा क्रीड़ा (पायका) प्रतियोगिता में। राज्य के एडीजी अशोक कुमार सेठ ने अपनी रिपोर्ट में यह खुलासा किया है। अशोक कुमार सेठ ने कला, संस्कृति एवं खेल विभाग के सचिव सी लालसोता और पटना के डीएम संजय कुमार सिंह को भेजी जांच रिपोर्ट में कहा है कि राज्य सरकार द्वारा 2010 में पंचायत युवा क्रीड़ा प्रतियोगिता के लिए जिलास्तर पर आवंटित दो लाख रुपयों में से आधे से ज्यादा का बंदरबांट हो गया। उन्होंने साफ लिखा है कि पटना में तैनात जिला खेल अधिकारी (डीएसओ) कृष्ण मोहन पांडेय ने खिलाडि़यों के लिए आयी राशि में घोटाला किया। हालांकि इस घोटाले की बात एडीजी एक साल पहले भी उठा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी। क्या था मामला : पटना जिले में 26 से 28 दिसंबर 2010 तक जिलास्तरीय पंचायत युवा क्त्रीड़ा खेल प्रतियोगिता आयोजित की गयी थी। इसके आयोजन पर 1,58,985 रुपए का खर्च दिखाया गया। शेष 41,015 रुपए स्पोर्ट्स अथारिटी को लौटा दिए गये। खर्च राशि में खिलाडि़यों के रहने-ठहरने पर 60,900 रुपये खर्च होना दिखाया गया। नाश्ते पर 39,625 और लंच पर 5100 रुपए खर्च किए गए। कुल मिलाकर 1,05,625 रुपए का खर्च दिखाया गया लेकिन, बाद में जब जांच हुई तो सभी बिल फर्जी पाये गये। डीडीसी मनोज कुमार ने 22 जुलाई 2011 के अपने पत्रांक 1825 में 528 बालक व 324 बालिकाओं के प्रतियोगिता में शामिल होने की बात कही थी। इस तरह कुल मिलाकर 852 खिलाडि़यों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया, जबकि नियमों के मुताबिक खिलाडि़यों को आवेदन के साथ खेल प्रमाणपत्र, स्वप्रमाणित तीन फोटो जमा करनी थी, लेकिन केवल 187 खिलाडि़यों के सर्टिफिकेट ही अथारिटी के पास जमा किए गये। जांच में 176 खिलाडि़यों के सर्टिफिकेट सही पाये गये। इस हिसाब से प्रतियोगिता में 176 खिलाडि़यों ने ही भाग लिया। यानि डीडीसी की रिपोर्ट भी फर्जी निकली। इसी तरह डीएसओ ने पायका में 19 ब्लॉक के शामिल होने की बात कही थी, जबकि डीडीसी की रिपोर्ट के अनुसार इसमें 11 ब्लॉक ही शामिल हुए। जांच में अधिक उम्र के खिलाडि़यों के शामिल होने की बात भी सामने आयी। दर्जनों खिलाडि़यों का नाम रजिस्ट्रेशन रजिस्टर में नहीं है। लेकिन रिजल्ट में उनका नाम दर्ज है।

दिल्ली के व्यापारी के पास 73 करोड़ का काला धन

दिल्ली के एक व्यापारी ने शुक्रवार को अपनी आयकर चोरी की सबसे बड़ी रकम का खुलासा किया है। उसके पास स्विटजरलैंड, सिंगापुर और अमेरिका के बैंकों के गुप्त लॉकरों में 73 करोड़ रुपये का कालाधन जमा है। दिल्ली के इस उद्योगपति का नाम सतीश साहनी बताया जा रहा है जिसके दिल्ली स्थित कई परिसरों में आयकर विभाग की नई बनी अपराध शाखा निदेशालय के अफसर छानबीन कर रहे हैं। साहनी के पॉश सैनिक फार्म स्थित बंगले और साउथ एक्सटेंशन-आइ के परिसरों में आयकर विभाग ने छापे मारे हैं। आयकर विभाग के वरिष्ठ सूत्रों के मुताबिक साहनी ने अपनी 73 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति की बात कबूल कर ली है। और उससे जुड़े दस्तावेज भी आयकर विभाग को सौंप दिए हैं। इस पूरी रकम की जानकारी अगले एक पखवाड़े में सार्वजनिक कर दी जाएगी। साहनी ने विदेशी बैंकों के पांच खातों का ब्योरा दिया है। इनमें से एक ज्यूरिच, एक सिंगापुर और बाकी तीनव अमेरिका में हैं। इसके अलावा दिल्ली के बैंकों के लॉकर और आठ अलमारियां भी आयकर विभाग ने सील की हैं। साहनी के परिसरों में जांच अभी भी जारी है। इसके अलावा, साहनी के घर से 1.5 करोड़ के गहने और 18 लाख रुपये नकद मिले हैं। दिल्ली के बैंक खाते आइसीआइसीआइ, एचडीएफसी और एसबीआइ में हैं। इन्हें जल्दी ही खोला जाएगा। डीसीआइ ने सीबीडीटी से संपर्क साध कर स्विटजरलैंड, अमेरिका और सिंगापुर के बैंक खातों को फ्रीज कराने के लिए कहा है। उल्लेखनीय है कि डीसीआइ को सरकार ने काले धन के अपराधीकरण के खिलाफ उठी आवाज के बाद हाल ही में बनाया है। आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार आयकर महकमे को इसके पीछे बहु आयामी हवाला रैकेट होने का अंदेशा है। इन बेनामी खातों की मदद से बड़े पैमाने पर मनी लांड्रिंग की जा रही है। भारत और विदेशों में भी इन खातों के दम पर राजनीतिक पहुंच वाले कई लोगों और कई बड़े रईसों की काली कमाई जमा की जा रही है। बीस आयकर अधिकारियों की टीम ने पिछले दो दिनों से साहनी के घर और दफ्तरों पर छानबीन जारी रखी है। आगे की जांच में और भी संपत्ति का ब्यौरा मिलने की उम्मीद है। चूंकि दिल्ली के बैंकों के खाते अभी तक खोले नहीं गए हैं। 73 करोड़ रुपये सिर्फ विदेशी बैंकों के खातों के मिले दस्तावेजों के आधार पर बताए गए हैं। पुलिस ने भी मामला दर्ज कर लिया है।

यूपी-पंजाब में अब तक 21 करोड़ जब्त

उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में आचार संहिता लागू होने और निर्वाचन आयोग के निर्देश पर आयकर विभाग और पुलिस ने विभिन्न अभियानों में 21 करोड़ से ज्यादा की नकदी, 16 किलो चांदी और बड़ी मात्रा में हथियार और कारतूस जब्त किए हैं। इनमें से 14 करोड़ 31 लाख पंजाब में और साढ़े छह करोड़ उत्तर प्रदेश में बरामद किए गए हैं। उत्तराखंड पुलिस ने पौड़ी गढ़वाल जिले में लाल बत्ती और बसपा के झंडे लगे वाहनों से 12 लाख जब्त किए हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा के मुताबिक, आयकर विभाग और पुलिस की विभिन्न टीमों ने राज्य के गाजियाबाद, नोएडा,बनारस, कानपुर समेत विभिन्न जिलों में बगैर हिसाब किताब ले जाई जा रही साढ़े छह करोड़ की नगदी जब्त की है। इनमें से तकरीबन ढाई करोड़ बीते दो दिनों में बरामद किए गए हैं। उन्होंने कहा, 1.25 करोड़ रुपये गाजियाबाद और 43 लाख नोएडा में पकड़े गए। बुलंदशहर में भी 6 लाख बरामद हुए हैं। बाराबंकी जिले में विभिन्न स्थानों से एक करोड़ 37 लाख नकदी, 10 किलो चांदी के साथ ही आधा दर्जन पिस्तौलें और बड़ी संख्या में कारतूस जब्त किए गए हैं। वाराणसी में दो स्थानों से 20 लाख, बलरामपुर में 23 लाख, गोंडा में 25 लाख, मऊ के घोसी क्षेत्र से 4 लाख, गाजीपुर में 7.61 लाख जब्त किये। पुलिस की स्टैटिक सर्विलांस टीम ने मेरठ, बरेली, फैजाबाद में वाहनों चेकिंग के दौरान दो करोड़ 53 लाख और चार किलो चांदी की सिल्ली बरामद की। पंजाब में भी अब तक 14 करोड़ 31 लाख 25 हजार की नकदी पकड़ी जा चुकी है। बीते 48 घंटो में लुधियाना जिले के श्याम नगर में रेलवे फाटक के पास एक कार से 3.35 लाख, खन्ना जिले के बुलेपुर क्षेत्र में एक वाहन से 9 लाख 92 हजार जब्त किए गए। संगरूर जिले में पातड़ा रोड पर तलाशी के दौरान दो कारों से 17 लाख रुपये बरामद हुए। मूनक पुलिस ने राजपुरा गुजरां गांव के निकट एक गाड़ी से चार लाख 90 हजार जब्त किए, जबकि भवानीगढ़ में पांच लाख की नकदी मिली। फतेहगढ़ साहिब के बडाली गांव में पुलिस व सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई में दस लाख 29 हजार बरामद किए। मानसा जिले के झंडा खुर्द गांव में तलाशी के दौरान पुलिस ने बाइक सवार के पास से 4.50 लाख जब्त किए। बठिंडा में एक कार से 30 लाख की नकदी बरामद हुई। फरीदकोट पुलिस ने नवा किला रोड गांव के पास एक वाहन से 3.62 लाख रुपये बरामद किए। होशियारपुर के माडल टाउन में एक व्यापारी से 5.60 लाख पकड़े। आबकारी विभाग ने सक्रियता दिखाते हुए 8.5 लाख लीटर शराब जब्त की है। यह चुनाव आयोग की सख्ती और आयकर विभाग व पुलिस की सतर्कता का असर है कि गत तीन-चार दिनों में नकदी बरामदगी के मामलों में अप्रत्याशित कमी आई है।