Saturday, January 7, 2012

दिल्ली के व्यापारी के पास 73 करोड़ का काला धन

दिल्ली के एक व्यापारी ने शुक्रवार को अपनी आयकर चोरी की सबसे बड़ी रकम का खुलासा किया है। उसके पास स्विटजरलैंड, सिंगापुर और अमेरिका के बैंकों के गुप्त लॉकरों में 73 करोड़ रुपये का कालाधन जमा है। दिल्ली के इस उद्योगपति का नाम सतीश साहनी बताया जा रहा है जिसके दिल्ली स्थित कई परिसरों में आयकर विभाग की नई बनी अपराध शाखा निदेशालय के अफसर छानबीन कर रहे हैं। साहनी के पॉश सैनिक फार्म स्थित बंगले और साउथ एक्सटेंशन-आइ के परिसरों में आयकर विभाग ने छापे मारे हैं। आयकर विभाग के वरिष्ठ सूत्रों के मुताबिक साहनी ने अपनी 73 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति की बात कबूल कर ली है। और उससे जुड़े दस्तावेज भी आयकर विभाग को सौंप दिए हैं। इस पूरी रकम की जानकारी अगले एक पखवाड़े में सार्वजनिक कर दी जाएगी। साहनी ने विदेशी बैंकों के पांच खातों का ब्योरा दिया है। इनमें से एक ज्यूरिच, एक सिंगापुर और बाकी तीनव अमेरिका में हैं। इसके अलावा दिल्ली के बैंकों के लॉकर और आठ अलमारियां भी आयकर विभाग ने सील की हैं। साहनी के परिसरों में जांच अभी भी जारी है। इसके अलावा, साहनी के घर से 1.5 करोड़ के गहने और 18 लाख रुपये नकद मिले हैं। दिल्ली के बैंक खाते आइसीआइसीआइ, एचडीएफसी और एसबीआइ में हैं। इन्हें जल्दी ही खोला जाएगा। डीसीआइ ने सीबीडीटी से संपर्क साध कर स्विटजरलैंड, अमेरिका और सिंगापुर के बैंक खातों को फ्रीज कराने के लिए कहा है। उल्लेखनीय है कि डीसीआइ को सरकार ने काले धन के अपराधीकरण के खिलाफ उठी आवाज के बाद हाल ही में बनाया है। आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार आयकर महकमे को इसके पीछे बहु आयामी हवाला रैकेट होने का अंदेशा है। इन बेनामी खातों की मदद से बड़े पैमाने पर मनी लांड्रिंग की जा रही है। भारत और विदेशों में भी इन खातों के दम पर राजनीतिक पहुंच वाले कई लोगों और कई बड़े रईसों की काली कमाई जमा की जा रही है। बीस आयकर अधिकारियों की टीम ने पिछले दो दिनों से साहनी के घर और दफ्तरों पर छानबीन जारी रखी है। आगे की जांच में और भी संपत्ति का ब्यौरा मिलने की उम्मीद है। चूंकि दिल्ली के बैंकों के खाते अभी तक खोले नहीं गए हैं। 73 करोड़ रुपये सिर्फ विदेशी बैंकों के खातों के मिले दस्तावेजों के आधार पर बताए गए हैं। पुलिस ने भी मामला दर्ज कर लिया है।

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