राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में घूस लेकर नौकरी दिलाने वाले रैकेट का पर्दाफाश करते हुए सीबीआइ ने एक कर्नल समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी ने पिछले हफ्ते 14 स्थानों पर छापेमारी कर 1.76 करोड़ रुपये भी बरामद किए। एनडीए ने रसोइये, माली, लैब असिस्टेंट और क्लर्को के 40 पदों के लिए फरवरी में आवेदन मांगे थे। रैकेट के बारे में शिकायत मिलने के बाद सीबीआइ ने पुणे, मुंबई, गुड़गांव और सोनीपत समेत 14 स्थानों पर छापेमारी कर आरोपियों की धरपकड़ और नकदी बरामद की। यह रकम आरोपी सैन्य अधिकारियों और उनके दलालों ने ली थी। जांच एजेंसी ने कर्नल कुलबीर सिंह, एनडीए कर्मचारी रमेश गायकवाड़, पुणे में फूड स्टाल संचालक बाल किशन कनौजिया, उसके कर्मचारी विष्णु शर्मा और दो दलालों मनोज शीतलकर और दत्ता रे शीतलकर को गिरफ्तार किया है। गार्ड्स रेजीमेंट से जुड़े कर्नल कुलबीर सिंह को कोलाबा मिलिट्री स्टेशन से पकड़ा गया। सभी आरोपियों को रविवार पुणे स्थित सीबीआइ कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उन सभी को दो जुलाई तक सीबीआइ हिरासत में भेज दिया। सीबीआइ प्रवक्ता ने रविवार को बताया एनडीए के स्टाफ अधिकारियों ने प्रत्येक अभ्यर्थी से तीन से चार लाख रुपये रिश्वत ली। घूस देने वाले अभ्यर्थियों के दस्तखत खाली उत्तर पुस्तिका में लिए गए थे। कर्नल सिंह के घर से चार लाख और उसके एक सहयोगी के घर से 82 लाख रुपये मिले हैं। कनौजिया के पास से 50 लाख और गायकवाड़ के घर से 18 लाख रुपये बरामद हुए। दोनों दलालों, मनोज और विष्णु से क्रमश: तीन और 3.20 लाख रुपये मिले। जांच एजेंसी ने कनौजिया के घर से अभ्यर्थियों के नाम की सूची और इंटरव्यू लेटर और शर्मा के घर से उन लोगों का ब्योरा मिला जिन्होंने घूस दी थी। ऐसे अभ्यर्थियों के बयान बतौर गवाह दर्ज किया जाएंगे।
Saturday, June 30, 2012
एनडीए भर्ती घोटाले में कर्नल समेत छह गिरफ्तार
चेतावनी के बाद भी 550 आइपीएस ने नहीं दिया अचल संपत्ति का ब्योरा
गृह मंत्रालय की चेतावनियों के बावजूद 550 आइपीएस अधिकारियों ने 2011 के लिए अपनी अचल संपत्तियों का ब्योरा नहीं दिया। इनमें सीबीआइ के अतिरिक्त निदेशक आरके दत्ता और जम्मू-कश्मीर पुलिस के आइजी एसएम सहाय जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इसके अलावा गुजरात के विवादित निलंबित आइपीएस अधिकारी संजीव भट्ट भी डिफॉल्टरों की सूची में शामिल हैं। संपत्ति की जानकारी न देने वालों की सूची में यूपी के अफसर अव्वल हैं। गृह मंत्रालय द्वारा जारी सूची के मुताबिक अचल संपत्ति का ब्योरा नहीं देने वालों में महानिदेशक रैंक के अफसर जैसे उत्तराखंड के ज्योति स्वरूप पांडे सरीखे पुलिस अधिकारी भी हैं। ऐसे अधिकारियों की सूची में उत्तर प्रदेश (317 स्वीकृत पदों में 81) पहले स्थान पर है। इसी तरह कर्नाटक के 76, झारखंड के 33, आंध्र प्रदेश के 29, जम्मू-कश्मीर के 26 और महाराष्ट्र तथा हिमाचल के 23 आइपीएस अधिकारियों ने ब्योरा नहीं दिया है। इस मामले में ओडिशा का रिकार्ड बेहतर है और राज्य के 107 अधिकारियों में सिर्फ 8 अफसर ही ऐसे हैं जिन्होंने ब्योरा नहीं दिया। फिलहाल विभिन्न राज्यों में आइपीएस अधिकारियों के लिए कुल 3,393 पद स्वीकृत हैं। गृह मंत्रालय के सर्कुलर के मुताबिक आइपीएस अधिकारी जब तक संपत्ति का ब्योरा केंद्र को नहीं देंगे तब तक रिकॉर्ड पूरा नहीं होगा। साथ ही सरकार यह मानने पर मजबूर होगी कि इन अधिकारियों ने संपत्ति पर कर नहीं दिया। इसके अलावा ऐसे अधिकारियों को सर्विस मेडल से भी वंचित रहना पड़ेगा। मंत्रालय ने कहा है कि ब्योरा देने के मामले में पिछले वर्ष के समान, कोई बदलाव नहीं या फिर इजाफा नहीं जैसे जुमले मान्य नहीं होंगे।
