गृह मंत्रालय की चेतावनियों के बावजूद 550 आइपीएस अधिकारियों ने 2011 के लिए अपनी अचल संपत्तियों का ब्योरा नहीं दिया। इनमें सीबीआइ के अतिरिक्त निदेशक आरके दत्ता और जम्मू-कश्मीर पुलिस के आइजी एसएम सहाय जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इसके अलावा गुजरात के विवादित निलंबित आइपीएस अधिकारी संजीव भट्ट भी डिफॉल्टरों की सूची में शामिल हैं। संपत्ति की जानकारी न देने वालों की सूची में यूपी के अफसर अव्वल हैं। गृह मंत्रालय द्वारा जारी सूची के मुताबिक अचल संपत्ति का ब्योरा नहीं देने वालों में महानिदेशक रैंक के अफसर जैसे उत्तराखंड के ज्योति स्वरूप पांडे सरीखे पुलिस अधिकारी भी हैं। ऐसे अधिकारियों की सूची में उत्तर प्रदेश (317 स्वीकृत पदों में 81) पहले स्थान पर है। इसी तरह कर्नाटक के 76, झारखंड के 33, आंध्र प्रदेश के 29, जम्मू-कश्मीर के 26 और महाराष्ट्र तथा हिमाचल के 23 आइपीएस अधिकारियों ने ब्योरा नहीं दिया है। इस मामले में ओडिशा का रिकार्ड बेहतर है और राज्य के 107 अधिकारियों में सिर्फ 8 अफसर ही ऐसे हैं जिन्होंने ब्योरा नहीं दिया। फिलहाल विभिन्न राज्यों में आइपीएस अधिकारियों के लिए कुल 3,393 पद स्वीकृत हैं। गृह मंत्रालय के सर्कुलर के मुताबिक आइपीएस अधिकारी जब तक संपत्ति का ब्योरा केंद्र को नहीं देंगे तब तक रिकॉर्ड पूरा नहीं होगा। साथ ही सरकार यह मानने पर मजबूर होगी कि इन अधिकारियों ने संपत्ति पर कर नहीं दिया। इसके अलावा ऐसे अधिकारियों को सर्विस मेडल से भी वंचित रहना पड़ेगा। मंत्रालय ने कहा है कि ब्योरा देने के मामले में पिछले वर्ष के समान, कोई बदलाव नहीं या फिर इजाफा नहीं जैसे जुमले मान्य नहीं होंगे।
Saturday, June 30, 2012
चेतावनी के बाद भी 550 आइपीएस ने नहीं दिया अचल संपत्ति का ब्योरा
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