Tuesday, February 14, 2012
विदेश में भारतीयों का 25 लाख करोड़ काला धन
केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कहा है कि भारतीयों ने 500 अरब अमेरिकी डालर (तकरीबन Rs 24.5 लाख करोड़ ) का अवैध धन विदेशी बैंकों में छिपा रखा है। एक उधर, अंतरराष्ट्रीय गैर सरकारी संगठन ‘ग्लोबल फिनांशियल इंटेग्रिटी’ ने भी आकलन किया है कि भारतीयों ने 25 लाख करोड़ रुपए अवैध रूप से विदेशों में छिपा रखे हैं। सीबीआई निदेशक का वक्तव्य इस मायने में अहम है कि पहली बार भारत में प्राधिकार वाले किसी व्यक्ति ने काले धन का एक आकलन पेश किया है जिसे विदेशों में छिपा कर रखा गया है। सीबीआई निदेशक एपी सिंह ने रविवार को यहां ‘भ्रष्टाचार निरोध एवं धन वसूली पर पहले इंटरपोल वैिक कार्यक्र म’ में बोले कि स्विस बैंकों में सबसे बड़े धन जमाकर्ता भी कथित रूप से भारतीय ही हैं। सिंह ने विदेशों में छिपाए गए अवैध धन के आकलन का स्रेत इंगित किए बगैर कहा कि मारीशस, स्विट्जरलैंड, लिख्तेनस्तीन, ब्रिटिश वर्जिन द्वीपसमूह इत्यादि कर चोरों की पनाहगाह के रूप में मशहूर जगहों में पहुंचने वाले अवैध धन का सबसे अधिक नुकसान भारत को पहुंचा है। सीबीआई निदेशक ने कहा कि यह आकलन किया गया है कि भारतीयों का करीब 500 अरब डालर अवैध धन ऐसे देशों में जमा है जो कर चोरों की पनाहगाह के रूप में जाने जाते हैं। स्विस बैंकों में सबसे अधिक धन जमा करने वाले भी भारतीय हैं। विदेशों में छिपाए गए भारतीय काले धन के बारे में 500 अरब डालर से ले कर 1500 अरब डालर तक विभिन्न आकलन हैं। जबकि सरकार का कहना है कि किसी अवैध गतिविधि का कोई आधिकारिक आकलन नहीं हो सकता। वह कहती है कि ये आंकड़े गैरप्रमाणित अवधारणाओं पर आधारित हैं। सिंह ने कहा कि कर चोरी की पनाहगाह बने प्रमुख देशों में सूचना देने की राजनीतिक इच्छा की कमी है।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

No comments:
Post a Comment