Thursday, July 5, 2012

प्रणब के मंत्री रहते हुए कई घोटाले

राष्ट्रपति चुनाव नजदीक आते ही टीम अन्ना ने संप्रग से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी पर हमले तेज कर दिए हैं। टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि प्रणब के रक्षा मंत्री और वित्त मंत्री रहते हुए देश में कई घोटाले हुए। केजरीवाल ने सोमवार को भ्रष्टाचार के आरोपी केंद्रीय मंत्रियों के खिलाफ जांच, सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय समिति से कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब प्रणब 2007 में विदेश मंत्री थे तो देश से घाना को चावल भेजा गया। इसमें 2,500 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ। घाना सरकार ने भारत से अपने वाणिज्य व विदेशी मंत्री की जांच कराने को भी कहा था, लेकिन कुछ नहीं हुआ। घाना सरकार ने 2009 में फिर जांच के लिए लिखा लेकिन सरकार ने चुप्पी नहीं तोड़ी। केजरीवाल ने सवाल किया कि अगर प्रणब राष्ट्रपति बन गए और गणतंत्र दिवस पर घाना के प्रधानमंत्री को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया गया तो दोनों कैसे आंख मिला पाएंगे। जनक्रांति यात्रा में बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि प्रणब 2005 में रक्षा मंत्री भी रहे, तब 18,000 करोड़ रुपये की पनडुब्बी खरीदी गई। कंपनी के चेयरमैन व दलाल के बीच कुछ ईमेल हुए, जो अन्ना टीम के पास मौजूद हैं। दलाल ने ईमेल में चेयरमैन को कहा कि अगर तुरंत कांग्रेस सरकार को चार फीसद दोगे, तभी यह ठेका तुम्हें दिया जाएगा। इसकी भी अन्ना टीम ने जांच की मांग की, लेकिन अब तक कोई जांच नहीं हुई। इसी प्रकार के आरोप केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल, सलमान खुर्शीद अहमद, वीरभद्र सिंह सहित 15 केंद्रीय मंत्रियों पर हैं। वीरभद्र के खिलाफ तो शिमला कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं। प्रधानमंत्री आरोपी मंत्रियों के खिलाफ जांच को तैयार नहीं हैं। अगर जन लोकपाल होता तो यह नौबत नहीं आती। मंत्रियों के खिलाफ जांच के अलावा 162 दागी सांसदों के मामलों की सुनवाई के लिए फास्टट्रैक कोर्ट बनाए जाने की मांग भी की गई।

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