एनआरएचएम घोटाले की जांच के घेरे में आए ठेकेदार नमित टंडन के आत्महत्या के प्रयास के बाद भले ही परिजनों ने सीबीआइ पर उत्पीड़न के आरोप लगाए हों, लेकिन इस मसले ने एनआरएचएम की ठेकेदारी में शामिल बड़े लोगों का चेहरा भी उजागर कर दिया है। दरअसल, नमित टंडन ठेके में मोहरा मात्र थे। असली ठेकेदारी पीसीएफ के चेयरमैन, एमएलसी रामचंद्र प्रधान की पत्नी की फर्म पर उनके खास सहयोगी आगा रिजवान कर रहे थे। जांच एजेंसी नमित टंडन पर इन सबका नाम उजागर करने के लिए दबाव बना रही थी, लेकिन टंडन को मुंह खोलने का खामियाजा बखूबी मालूम था। रमा इंटरप्राइजेज के जरिए नमित टंडन ने जननी सुरक्षा योजना के तहत 27 एएनएम केंद्र बनवाने का काम पैक्सफेड से लिया। इस कार्य में श्रेया इंटरप्राइजेज भी शामिल है। सूत्रों के अनुसार, काम दिलाने की भूमिका पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के सबसे करीबी पीसीएफ चेयरमैन और एमएलसी रामचंद्र प्रधान ने निभाई। प्रधान के करीबी आगा रिजवान इसमें माध्यम थे। सूत्रों के मुताबिक, 22 फरवरी 2010 से दिसंबर 2010 तक रमा इंटरप्राइजेज के खाते में एक करोड़ रुपये आए। नमित ने 50 लाख रुपये नकद और कई लोगों के नाम के चेक से 50 लाख रुपये आगा रिजवान को ही दे दिए। सीबीआइ को खबर मिली है कि पैसे रामचंद्र प्रधान को दिए गए। इस मामले में नमित से 28 नवंबर और 2 दिसंबर को पूछताछ की गई, तो सबसे बड़ा सवाल श्रेया इंटरप्राइजेज पर उठा। चूंकि पैसों का लेनदेन फर्म के नाम पर भी है, इसलिए सीबीआइ इनकी घेरेबंदी के लिए नमित की गवाही चाहती थी, लेकिन नमित पर प्रधान की फर्म का नाम नहीं लेने का दबाव था। एक तरफ सीबीआइ और दूसरी तरफ सत्ता पक्ष के दबंग नेताओं के दबाव में नमित परेशान हो गए। फिलहाल वह ट्रामा सेंटर में हैं। पीसीएफ चेयरमैन रामचंद्र प्रधान का कहना है कि मैं तो नमित टंडन को जानता ही नहीं हूं। आगा रिजवान मेरे परिचित हैं और उन्होंने मेरी पत्नी के फर्म पर कुछ काम किया था। मेरी हैसियत तो सबको पता है कि अगर मुझे काम करना रहता तो 50-100 करोड़ रुपये का करता। मैं एक करोड़ के काम के लिए ठेका करने नहीं जा सकता। मैंने एनआरएचएम में ठेके के लिए किसी अधिकारी को फोन भी नहीं किया। लिखा-पढ़ी में ली श्रेया फर्म : रिजवान आगा रिजवान ने कहा कि मेरे पास कोई फर्म नहीं थी। इसलिए मैंने रामचंद्र प्रधान की पत्नी अनीता प्रधान की फर्म से काम किया और यह फर्म बाकायदा लिखा-पढ़ी में ली है। रमा इंटरप्राइजेज भी हमने ही बनवाई। नमित मेरे दोस्त हैं। शुरू में मैं उनका मौखिक पार्टनर था, लेकिन बाद में लिखित तौर पर मैं उनका बराबर का पार्टनर बन गया। रमा फर्म के अस्तित्व में आने के बाद श्रेया से काम करना बंद कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि काम के सभी रिकार्ड दुरुस्त हैं।
Monday, December 5, 2011
एनआरएचएम की ठेकेदारी में उजागर हुए बड़े चेहरे
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