Friday, December 2, 2011

और भ्रष्ट हुआ भारत

भ्रष्टाचार से लड़ने के भारत सरकार के खोखले दावों की गुरुवार को तब और पोल खुल गई जब ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने भ्रष्ट देशों की सूची जारी कर यह बताया कि भारत आठ पायदान खिसककर भ्रष्टतम देशों की ओर बढ़ गया है। पिछले वर्ष इस सूची में 87वें स्थान पर रहे भारत को इस बार 95वां स्थान मिला है। इसका मतलब है कि वह और भ्रष्ट हो रहा है। भ्रष्टाचार विरोधी लोकपाल की चर्चा के बीच सामने आई ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की सूची भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि पर बट्टा लगाने वाली है, क्योंकि सरकार यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि वह भ्रष्टाचार का सख्ती से सामना करने के लिए प्रतिबद्ध है। भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष के मामले में इस साल भारत को 10 अंकों में केवल 3.1 अंक ही मिल सके। 2007 में भारत 3.5 अंकों के साथ 72वें स्थान पर था। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल इस आधार पर भ्रष्ट देशों की रैकिंग करती है कि किसी भी देश में कोई भी सार्वजनिक उपक्रम लोगों के बीच कितना भ्रष्ट समझा जाता है और विभिन्न विशेषज्ञ उस देश में भ्रष्टाचार के बारे में क्या राय रखते हैं? भारत की यह दागदार छवि विश्व बैंक संबंद्ध देश प्रदर्शन और संस्थागत आंकलन, विश्व आर्थिक मंच कार्यकारी आंकलन और वैश्विक राष्ट्रीय जोखिम मूल्यांकन समेत 13 संस्थाओं की अध्ययन रिपोर्ट और सर्वेक्षण के आधार पर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक न्यजीलैंड 9.5 अंक के साथ पहले स्थान पर है। फिनलैंड और डेनमार्क क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर है। रिपोर्ट के मुताबिक, स्वीडन चौथे, सिंगापुर पांचवें, ब्रिटेन 16वें, अमेरिका 24 वें, चीन 75वें, श्रीलंका 86वें, बांग्लादेश 120वें, पाकिस्तान 134वें स्थान पर है। सोमालिया, उत्तरी कोरिया, म्यांमार और अफगास्तिान जैसे देश अग्रणी हैं, जो अस्थिर सरकारों और गृहयुद्ध जैसे हालात से जूझ रहे हैं। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने अपनी ताजा रिपोर्ट में भारत का गलत नक्शा पेश किया है। इस नक्शे में गुलाम कश्मीर को भारत का हिस्सा न दिखाते हुए पाकिस्तान में दिखाया गया है।

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