सरकार ने आज बताया कि देश के बाहर और भीतर बेहिसाब धन और आय से अधिक संपत्ति का अनुमान लगाने और राष्ट्रीय सुरक्षा पर इसके पड़ने वाले प्रभाव के आकलन के लिए अध्ययन शुरू किया गया है। यह रिपोर्ट सितंबर 2012 तक तैयार होगी। सरकार ने बताया कि पिछले दो वर्षो में अंतरण मूल्य निर्धारण निदेशालय ने 66,085 करोड़ की गलत जानकारी देने का पता लगाया है तथा अंतरराष्ट्रीय कराधान कार्यालय ने सीमापारीय लेनदेन से 33,784 करोड़ रुपये एकत्र किए हैं। लोकसभा में शैलेंद्र कुमार और पीसी गद्दीगौदर के प्रश्न के लिखित जवाब में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने सदन को जानकारी दी कि सरकार ने वित्त संबंधी स्थायी समिति की सिफारिशों के आधार पर देश के बाहर और भीतर बेहिसाब धन और आय से अधिक संपत्ति का अनुमान लगाने और राष्ट्रीय सुरक्षा पर इसके पड़ने वाले प्रभाव के लिए एक अध्ययन शुरू किया है। उन्होंने कहा कि यह अध्ययन तीन सरकारी संस्थाओं राष्ट्रीय लोक वित्त एवं नीति संस्थान (एनआइपीएफपी), राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान (एनआइएफएम) और राष्ट्रीय अनु प्रयुक्त आर्थिक अनुसंधान परिषद (एनसीएईआर) द्वारा अलग अलग किया जाएगा। प्रणब ने कहा, इन संस्थाओं को अपनी रिपोर्ट पेश करने के लिए सितंबर 2012 तक का समय दिया गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि फ्रांस और स्विटजरलैंड सहित कुछ देशों ने दोहरे कराधान निषेध संधि (डीटीएए) और सूचना विनिमय करार (टीआइईए) के तहत विशिष्ट मामलों में भारत के साथ बैंकिंग सूचनाएं साझा करने कच् इच्छा जताई है। भारत ने इनसे कर संबंधी सूचनाएं प्राप्त भी की हैं। प्रणब ने कहा, भारत सरकार का 81 देशों के साथ डीटीएए संबंधी करार है, जिसमें 75 करार में बैंकिंग सूचनाओं के आदान प्रदान के लिए विशिष्ट उपबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि इन सभी 75 करारों को फिर से वार्ता के संदर्भ में लिया गया और 22 मामलों में पुनर्वार्ता की प्रक्रिया पूरी हो गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने विदेश में देश का अवैध रूप से जमा धन वापस लाने के लिए पांच सूत्री रणनीति तैयार की है। इनमें कालेधन के विरुद्ध विश्वव्यापी संघर्ष में शामिल होना, एक उपयुक्त विधाई रूपरेखा तैयार करना, अवैध निधियों के निपटारे के लिए संस्थाएं गठित करना, कार्यान्वयन के लिए प्रणाली विकसित करना और प्रभावी कार्रवाई के लिए मानव संसाधन कौशल को उन्नत बनाना शामिल हैं। कालेधन पर श्वेत पत्र विचाराधीन विदेशों में जमा भारतीयों के कालेधन को स्वदेश लाने के लिए श्वेत पत्र लाने का प्रस्ताव सरकार के समक्ष विचाराधीन है। लोकसभा में चंद्रकांत खैरे और अर्जुन राम मेघवाल के प्रश्न के लिखित उत्तर में वित्त राज्य मंत्री एसएस पलानीमणिक्कम ने यह जानकारी दी। मंत्री से पूछा गया था कि क्या सरकार विदेशों में जमा भारतीयों के कालेधन को स्वदेश वापस लाने के संदर्भ में उठाने जाने वाले कदमों पर श्वेत पत्र लाने पर गंभीरता से विचार कर रही है।
Saturday, November 26, 2011
देश और विदेशों में काले धन का अध्ययन करा रही सरकार : प्रणब
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