राजग के कार्यकाल में स्पेक्ट्रम आवंटन पर जांच का दायरा बढ़ाने वाली सीबीआइ ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में सोमवार को वरिष्ठ भाजपा नेता जसवंत सिंह का बयान दर्ज किया। जसवंत का बयान दूरसंचार मामलों पर 2003 में गठित मंत्रिसमूह के अध्यक्ष के नाते दर्ज किया गया है। इस समूह का गठन अनेक मुद्दों के अलावा स्पेक्ट्रम आवंटन की निगरानी के लिए किया गया था। जांच एजेंसी ने राजग सरकार में विदेश और वित्त मंत्री रहे सिंह से पहले आओ, पहले पाओ की नीति के बारे में पूछताछ की। गौरतलब है कि सीबीआइ ने तीन पूर्व दूरसंचार मंत्रियों, ए. राजा, दयानिधि मारन और प्रमोद महाजन (दिवंगत) के कार्यकाल के संबंध में मामले दर्ज किए हैं। सीबीआइ ने न्यायमूर्ति शिवराज पाटिल आयोग की उस टिप्पणी के बाद ये केस दर्ज किया, जिसमें कहा गया था कि 29 जनवरी 2003 से मई 2004 तक के काल को भी जांच के दायरे में रखा जाए। इस दौरान अरुण शौरी सूचना व तकनीक मंत्री थे। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि ट्राई के निर्देशों को नजरअंदाज करते हुए 2003 में पहले आओ, पहले पाओ की नीति पर 2001 की कीमतों पर नए लाइसेंस जारी कर दिए गए।
Tuesday, November 22, 2011
2जी पर जसवंत से पूछताछ
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