Tuesday, November 22, 2011

मारन ब्रदर्स पर कसेगा सीबीआई का शिंकजा

सीबीआई एयरसेल-मैक्सिस डील के मामले में सीबीआई पूर्व संचार मंत्री दयानिधि मारन और उनके भाई कलानिधि मारन पर शिंकजा कसने की तैयारी कर रही है। इसकी पहली कड़ी के रूप में जल्द ही 629 करोड़ रुपए के खेल को जानने के लिए दोनों भाइयों को पूछताछ के लिए सम्मन भेजने वाली है। उधर प्रवर्तन निदेशालय भी इन लोगों से पूछताछ के लिए ताल ठोंक रहा है। सूत्रों के अनुसार सीबीआई द्वारा हाल ही में एयरसेल और मैक्सिस डील के मामले में पूर्व संचार मंत्री दयानिधि मारन और उनके भाई कलानिधि मारन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। अब सीबीआई उनसे पूछताछ की तैयारी करने में जुट गई है। ऐसी संभावना है कि दिसम्बर माह में किसी भी दिन दोनों भाइयों को सम्मन भेज कर या फिर सूचना देकर पूछताछ के लिए बुला सकती है। उधर प्रवर्तन निदेशालय ने भी पूर्व संचार मंत्री दयानिधि मारन और उनके भाई से पूछताछ की तैयारी शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार सीबीआई दयानिधि मारन के कार्यकाल के दौरान के संचार विभाग के उन सभी अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाएगी जिनकी भूमिका स्पेक्ट्रम आवंटन में महत्त्वपूर्ण थी। सूत्रों के अनुसार दोनों जांच एजेंसियां सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय इस बात की जांच में लग गई हैं कि आखिर मॉरिशस स्थित एक कम्पनी से 629 करोड़ रुपया मलेशिया कैसे गया। दोनों जांच एजेंसी मारन ब्रदर्स से इस मामले में पूछताछ के लिए खास प्रकार के सवाल तैयार करने में जुटीं हैं। सूत्रों के अनुसार दोनों जांच एजेंसी इस मामले में अलग-अलग एलआर भेजने की भी तैयारी कर रही हैं। इस बीच शनिवार को सीबीआई ने पूर्व संचार मंत्री स्व. प्रमोद महाजन के कार्यकाल में स्पेक्ट्रम आवंटन में हुई गड़बड़ी को लेकर मामला दर्ज किया था और अब अधिकारियों से पूछताछ के लिए बुलाने का काम शुरू करने वाली है। सूत्रों के अनुसार उनका बयान दर्ज करने के साथ-साथ उनमें से कुछ की गिरफ्तारी की भी संभावना है। दोनों जांच एजेंसियों ने जस्टिस पाटिल की रिपोर्ट का गहन अध्ययन शुरू कर दिया है। ईडी इस मामले में सबको पीएमएलए में बुक करेगा। सूत्रों के अनुसार ईडी बहुत जल्दी ही 629 करोड़ रुपए की जांच करेगा जो ट्रांजेक्शन मॉरीशस स्थित साउथ एशिया होल्डिंग कम्पनी ने मलेशिया स्थित कम्पनी मैक्सिस में निवेश के लिए किया था। इसके बाद उन 629 करोड़ रुपए का भारत की कम्पनियों में निवेश किया गया। ईडी इस बात को भी खोजेगा कि सन टीवी में कितना निवेश किया गया। ईडी इस बात की जांच करेगी कि मॉरीशस स्थित साउथ एशिया होल्डिंग में कहां-कहां से धन आया। सूत्रों के अनुसार ईडी को पहली नजर में 629 करोड़ के ट्रांजेक्शन में रित और प्रीवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट की बू आ रही है। इसलिए ईडी भारतीय रिजर्व बैंक से इस बात का पता लगाने के लिए कागजात तैयार कर रहा है कि अगर इस मामले में रिजर्व बैंक से स्वीकृति ली गई तो उसका उद्देश्य क्या था और कौन से मूल दस्तावेज जमा किए गए थे और उसे क्या अनुमति मिली थी। सीबीआई ने अपनी जांच में यह साबित किया है कि एयरसेल-मैक्सिस डील में काम करवाने के लिए धन का लेनदेन हुआ है। ईडी इस मामले में इन दोनों देशों की एजेंसियों को एलआर भेज कर कम्पनी के व्यवसाय और कम्पनी की पूंजी के बारे में पता लगाएगी। ईडी यह भी जानना चाहेगा कि इन दोनों कम्पनियों में कब-कब और कहां-कहां से इतना धन आया और इसका रूट क्या था।

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