Friday, November 18, 2011

राजीव गांधी ट्रस्ट मामला फिर हाईकोर्ट पहुंचा

हरियाणा सरकार द्वारा गुड़गांव में करोड़ों की जमीन राजीव गांधी ट्रस्ट को 33 साल के लिए लीज पर दिए जाने का मामला एक बार फिर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने गुड़गांव के उल्हावास क्षेत्र के निवासियों की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को 25 नवंबर तक जवाब देने को कहा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि सरकार ने कुछ लोगों को खुश करने के लिए नियमों का उल्लंघन कर करोड़ों की जमीन तीन लाख रुपये एकड़ के हिसाब से ट्रस्ट को लीज पर दे दी। हाईकोर्ट में दाखिल याचिका के मुताबिक, राज्य मंत्रिमंडल की 21 अगस्त 2009 को बैठक हुई, जिसमें विधानसभा भंग कर नए चुनाव कराने का फैसला हुआ। इसी बैठक में मंत्रिमंडल ने गुडगांव के उल्हावास गांव की जमीन राजीव गांधी ट्रस्ट को बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर देने का निर्णय कर डाला। चूंकि पंचायत विभाग मुख्यमंत्री के पास था इसलिए अफसरों ने जमीन से जुड़े सभी काम जल्दी किए। अत: सरकार द्वारा भू अधिग्रहण की अधिसूचना को रद किया जाये। इसी याचिका में सरकार द्वारा चर्च गेट मेडिकल सोसायटी को नौ कनाल जमीन जारी करने के आदेश को भी रद करने की मांग की गई है। साथ ही अनुरोध किया गया है कि जब तक मामला अदालत में विचाराधीन है, यथास्थिति के आदेश जारी किए जाए। राजीव गांधी ट्रस्ट को भू-आवंटन मामले में अगस्त में भी हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। कोर्ट ने पूछा था कि इस मामले में धांधली क्या हुई है। याची की दलील थी कि ट्रस्ट को जमीन देने में जल्दबाजी की गई तो कोर्ट ने पूछा, क्या सरकार कोई काम कम समय में नहीं कर सकती। इसके बाद कोर्ट ने याची से तीन सवालों के जवाब देने को कहा था, पहला यह जमीन राजीव ट्रस्ट से पहले जिसे लीज पर दी गई थी उसे किस मूल्य पर दी गई थी। दूसरा अगर अब इस जमीन का अधिग्रहण किया जाता है तो इसका मूल्य क्या होगा, तीसरा यह मामला जनहित का कैसे है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर हाईकोर्ट ने याची को अर्जी वापस लेने को कहा था।

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