संप्रग-2 की सालगिरह के जश्न में मुलायम सिंह भले ही शरीक हुए हों, लेकिन सपा प्रधानमंत्री और उनकी सरकार पर हमला बोलने में मुरव्वत बरतने को तैयार नहीं है। सपा महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव ने कहा, प्रधानमंत्री खुद कोई फैसला नहीं ले सकते। फैसले कोई और लेता है। घोटालों के मामले में संप्रग सरकार यूपी की पूर्ववर्ती माया सरकार से होड़ लेने में लगी है कि किसका घोटाला ज्यादा बड़ा है। प्रो. यादव ने कहा कि संप्रग सरकार का आलम यह है कि, एक घोटाले पर चर्चा बंद नहीं होती कि दूसरा सामने आ जाता है। 2जी घोटाला 1.76 लाख करोड़ का था तो सीएजी की रिपोर्ट के हवाले से कोयला आवंटन में 1.90 लाख करोड़ का घोटाला उजागर हुआ है। वह भी सिर्फ निजी कंपनियों के लिए। यदि इसमें सरकारी कंपनियों को भी जोड़ दिया जाए तो यह 10 लाख करोड़ तक जा सकता है। यूपी में इन दिनों कोई भी अधिकारी सरकारी फाइलों का एक पन्ना पलटता है तो एक नया घोटाला सामने आ जाता है। सपा महासचिव ने बुधवार को दिल्ली नगर निगम में जीते पार्टी सभासदों के स्वागत समारोह में कहा, देश की स्थिति बहुत खराब है। 1991 जैसी नौबत है, जब कर्ज लेने के लिए सोना गिरवी रखना पड़ा था। डालर के मुकाबले रुपये की कीमत तेजी से गिर रही है। सिर्फ यूपी में गन्ना किसानों का चीनी मिलों पर लगभग 5000 करोड़ बकाया है। केंद्र चीनी निर्यात का फैसला कर ले तो किसानों का भुगतान हो सकता है, लेकिन निर्णय नहीं हो रहा है। पीएम व कैबिनेट फैसले नहीं ले सकती तो देश का यही हश्र होगा। एयर इंडिया के पायलटों को वेतन देने को धन नहीं है। पिछले उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने फायदे वाले सभी हवाई रूटों पर निजी कंपनियों के जहाज लगवा दिए। इसी तरह हवाई जहाजों की जरूरत न होने के बावजूद सिर्फ कमीशनखोरी के लिए जहाज खरीदे गए।
Monday, May 28, 2012
घोटालों में माया से होड़ ले रहा केंद्र
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