Sunday, November 4, 2012

राष्ट्रमंडल खेलों में 1,000 करोड़ रुपये की कर चोरी



नई दिल्ली, प्रेट्र : राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़े कार्यो में सरकारी विभागों और निजी कंपनियों द्वारा 1,000 करोड़ रुपये की कर चोरी का पता लगाया गया है। केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) आर. श्रीकुमार ने बताया कि राष्ट्रमंडल घोटाले की जांच के दौरान कई न्यायाधिकार क्षेत्रों में (बहुन्यायाधिकार) पड़ताल के लिए कर विभाग के साथ कई अन्य विभागों के अधिकारियों की मदद ली गई। श्रीकुमार ने बताया कि राष्ट्रमंडल घोटाले की परतें खोलने के लिए एक साथ कई जांच की गई। आगे बढ़ने के साथ हर जांच में अलग नतीजे निकले। हालांकि, सभी में एक बात समान थी कि घोटाले में शामिल कई कंपनियों और विभागों ने बड़ी कर चोरी की थी। आयकर, सेवाकर और वैट जैसे कई करों के तौर पर यह चोरी करीब एक हजार करोड़ रुपये की है। उन्होंने बताया कि कर एजेंसियों के साथ काम करने और संभावित कर चोरी को प्रमाणित करने के बाद संबंधित विभागों और कंपनियों को नोटिस जारी करने से कर विभागों को करीब 100 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं। चोरी किए गए कर को वसूला जा रहा है। सतर्कता आयुक्त ने भरोसा जताया कि सीवीसी द्वारा चिह्नित एक हजार करोड़ रुपये में ज्यादातर वसूल कर लिया जाएगा। इसके अलावा सतर्कता आयोग ने खेलों में अनियमितताओं की एक रिपोर्ट भी तैयार की है। आयोग राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़े सरकारी निकायों और निर्माण एजेंसियों के खिलाफ 53 धांधली के मामलों की जांच कर रहा है। कुल परियोजनाओं में 28 की जांच विभिन्न स्तरों पर है, जबकि 13 को आगे की जांच के लिए सीबीआइ को सौंप दिया गया है। वहीं, 12 अन्य मामलों में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी गई है।
1.        Dainik Jagran Nation Edition 5-11-2012 Page -13(Hkz”Vkpkj)

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