Friday, November 30, 2012

कैग ने फिर सरकार को लपेटा



ठ्ठ जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने केंद्र की जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीनीकरण योजना (जेएनएनयूआरएम) में मकानों व बुनियादी ढांचे के निर्माण की सुस्त चाल पर सरकार को लपेटा है। संसद में गुरुवार को पेश अपनी रिपोर्ट में कैग ने कहा है कि योजना के तहत 115 करोड़ रुपये की राशि को शहरी नवीनीकरण के बजाय अन्य कार्यो में खर्च कर दिया गया। जबकि मिशन के तहत मंजूर 2815 परियोजनाओं में महज 253 निर्धारित समय 31 मार्च, 2011 तक पूरी हुई हैं। कैग के मुताबिक, सरकार के मंत्रालय इस तरह की विशालकाय योजना को चलाने और निगरानी करने में सक्षम नहीं हैं। लिहाजा केंद्र को राज्य सरकारों के साथ मिलकर योजना की खामियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के लिए दो वर्ष में इंतजाम करने चाहिए। कैग की 103 पेज की रिपोर्ट के मुताबिक, 2005 से 2011 के दरम्यान 1517 आवास तथा 1298 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। लेकिन आवास योजनाओं में सिर्फ 22 योजनाएं मार्च 2011 के तय समय पर पूरी हुईं। जबकि 1298 शहरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में केवल 231 को समय पर पूरा किया जा सका। मिशन के तहत आठ मामलों में धन को दूसरे कार्यो में लगाया किया गया। ऐसा झारखंड, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश में हुआ। यहां 115 करोड़ की राशि दूसरे कार्यो में लगाई गई। एक मामले में नगर निगम के कर्मचारियों को वेतन देने में धन का इस्तेमाल हुआ, जबकि बाकी कार्यो का मिशन से कोई संबंध ही नहीं था। मालूम हो कि जेएनएनयूआरएम को दिसंबर 2005 में शुरू किया गया था। इसके तहत कुल एक लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश से शहरों का कायाकल्प किए जाने का प्रस्ताव है। पहले निवेश में केंद्र व राज्यों सरकारों की हिस्सेदारी आधी-आधी थी, लेकिन बाद में वर्ष 2009 में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी बढ़ाकर 66,084.65 करोड़ रुपये कर दी गई। जेएनएनयूआरएम को वर्ष 2012 में पूरा करने का लक्ष्य है। इसके तहत 65 प्रमुख शहरों को कवर किया जाना है।
1.        Dainik Jagran National Edition 30-11-2012 Page -3 (Hkz”Vkpkj)

No comments:

Post a Comment