Wednesday, June 15, 2011

एमटीएनएल अफसरों ने भी लूटा देश

राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान बही भ्रष्टाचार की गंगा में डुबकी लगाने में एमटीएनएल अधिकारी भी पीछे नहीं रहे। खेलों के दौरान प्रसारण और आंकड़ों के सहज आदान-प्रदान के लिए नेटवर्क बनाने के नाम पर सार्वजनिक क्षेत्र की नवरत्न कंपनी के अधिकारियों ने 380 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला कर दिया। सीबीआइ ने घोटाले के आरोपी अधिकारियों के साथ ही नोएडा स्थित एचसीएल इंफो सिस्टम के खिलाफ भी एफआइआर दर्ज कर ली है। इस सिलसिले में जांच एजेंसी ने बुधवार को आरोपी अधिकारियों और कंपनी के ठिकानों की तलाशी ली। सीबीआइ की प्रवक्ता धारिणी मिश्रा ने बताया कि राष्ट्रमंडल खेल के दौरान प्रसारण और आंकड़ों के आदन-प्रदान के लिए 31 करोड़ रुपये की लागत से आप्टिकल फाइबर बिछाने की योजना थी, लेकिन एमटीएनएल के तत्कालीन अधिकारियों ने एचसीएल इंफो सिस्टम के अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर आप्टिकल फाइबर की जगह आइपी/एमपीएलएस तकनीक पर आधारित ब्रोडकास्ट वीडियो नेटवर्क लगाने की योजना बना ली। बात यहीं तक होती तो गनीमत थी। सीबीआइ की मानें तो आइपी/एमपीएलएस तकनीक लगाने में भी 190 करोड़ रुपये से अधिक की लागत नहीं होनी चाहिए थी, लेकिन एचसीएल इंफो सिस्टम को यह ठेका 570 करोड़ रुपये में देकर सरकारी खजाने को 380 करोड़ का चूना लगाया गया। इस घोटाले के लिए सीबीआइ ने एमटीएनएल के पूर्व प्रबंध निदेशक आरएसपी सिन्हा, पूर्व कार्यकारी निदेशक एसएम तलवार, महाप्रबंधक (कारपोरेट सेल्स) एनके जैन और उप महाप्रबंधक जितेंद्र गर्ग को जिम्मेदार ठहराया है। धारिणी मिश्रा ने जानकारी दी कि इन सभी आरोपियों के दिल्ली, नोएडा, जयपुर, और पटना स्थित ठिकानों पर छापा मारा गया। छापे के दौरान आरोपियों की करोड़ों की चल-अचल संपत्ति के दस्तावेजों के साथ ही कई दूसरे अहम दस्तावेज मिले हैं। देर शाम खबर लिखने तक छापे की कार्रवाई जारी थी।


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