विदेशों में जमा अकूत काला धन भारत वापस लाने के बहस के बीच बाल अधिकारों के लिए काम करने वाली एक संस्था ने दावा किया है कि देश में हर साल बालश्रम से 1.2 लाख करोड़ रुपये का काला धन पैदा किया जाता है। बचपन बचाओ आंदोलन द्वारा तैयार रिपोर्ट कैपिटल करप्शन : चाइल्ड लेबर इन इंडिया के मुताबिक, बाल श्रमिकों की संख्या, उनकी आमदनी और नियोक्ताओं द्वारा वयस्क कामगारों की जगह बाल मजदूरों से काम कराकर कमाए गए अनुचित लाभ के आधार पर यह आंकड़ा सामने आया है। अध्ययन में कहा गया है कि अधिकतम लाभ कमाने का लालच बाल मजदूरी को बढ़ावा देता है क्योंकि बच्चे सस्ते में काम करने के तैयार हो जाते हैं। बालश्रम, भ्रष्टाचार और काले धन का प्रवाह एक-दूसरे के पूरक हैं, जिसमें सिर्फ नियोक्ताओं व दलालों को ही फायदा होता है। रिपोर्ट के मुताबिक, देश में लगभग 6 करोड़ बाल मजदूर हैं, जो एक साल में प्रतिदिन 15 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से 200 दिन काम करते हैं। इस प्रकार एक साल में 18 हजार करोड़ रुपये बनते हैं। अगर इन सभी 6 करोड़ बाल श्रमिकों की जगह 115 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से वयस्क मजदूरों की नियुक्ति की जाती, तो यह रकम 1,38,000 करोड़ होती। अध्ययन में बताया गया है कि दोनों धनराशि में 1.20 लाख करोड़ का अंतर बनता है। नियोक्ता सरकार को कमाए गए धन के बारे में कोई जानकारी न देकर टैक्स चोरी करते हैं।
Thursday, June 16, 2011
बालश्रम से आ रहा 1.2 लाख करोड़ काला धन
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