वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने रविवार को कहा कि देश भर में उनकी भ्रष्टाचार विरोधी जनचेतना यात्रा के दौरान विदेश में अवैध तरीके से जमा काले धन को भारत में वापस लाने का मुद्दा प्रभावी तरह से रहेगा। अपनी यात्रा के माध्यम से वह देश को जगाने का प्रयास करेंगे और यह बताएंगे कि दुनिया में पहले नंबर का देश बनने के लिए भारत के पास प्रचुर संसाधन और क्षमताएं हैं। उन्होंने कहा, मैं अपनी जनचेतना यात्रा के दौरान देश में व्याप्त भ्रष्टाचार, महंगाई और अत्यधिक गरीबी के मुद्दे को उठाऊंगा। इसके अलावा विदेश में जमा काले धन का मुद्दा भी प्रभावी तरह से छाया रहेगा। आडवाणी ने अपने आवास पर दिल्ली के ग्रामीण इलाकों के लोगों को संबोधित करते हुए यह बात कही। 11 अक्टूबर से शुरू हो रही आडवाणी की यात्रा से पहले उनके सम्मान के लिए समारोह का आयोजन किया गया था। आडवाणी ने कहा, पिछले कई साल से मैं कहता आ रहा हूं कि विदेशी बैंकों में खासतौर पर स्विट्जरलैंड में बड़ी मात्रा में काला धन जमा है। उन्होंने पूर्ववर्ती राजग शासन का जिक्र करते हुए कहा कि स्विस अधिकारियों के साथ विषय को उठाया गया था लेकिन स्विस सरकार ने अपने बैंकिंग गोपनीयता कानूनों के चलते जानकारी देने या धन वापस करने में असमर्थता जताई थी। आडवाणी ने कहा, लोग अकसर हमसे पूछते हैं कि छह साल तक जब हम सत्ता में थे तो काले धन के बारे में हमने क्या किया। मैं उन्हें बताता हूं कि इससे पहले स्विस सरकार ने कभी हमें सूचना की अनुमति नहीं दी। हालांकि अमेरिका और यूरोपीय देशों के दबाव के कारण कानूनों में बदलाव किया गया और स्विट्जरलैंड ने इन खातों का ब्योरा देने की मंजूरी दे दी। आडवाणी ने कहा, वर्ष 2009 में लोकसभा चुनावों के दौरान मैंने पुरजोर तरीके से काले धन का मुद्दा उठाया था। उससे पहले मैंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर कहा था कि स्विट्जरलैंड में बैंक अपने गोपनीयता कानूनों के बावजूद अमेरिका तथा जर्मनी जैसे देशों को धन लौटा रहे हैं तो भारत को उसका काला धन वापस क्यों नहीं मिल सकता।
Monday, October 10, 2011
देश को जगाने का प्रयास करेंगे आडवाणी
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