खाद्यान्न घोटाले में दो अफसरों की भी संदिग्ध भूमिका है। इस घोटाले में सरकार को 7.56 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया है। सरदार दलजीत सिंह ने घोटाले की रकम इन अफसरों तक भी पहंुचाई है। सीबीआइ ने बुधवार की सुबह जिला कारागार से दलजीत और गोदाम प्रभारी सुरेश धर दुबे को रिमांड पर लाने के बाद पूछताछ की तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। यह पूछताछ 28 अप्रैल तक चलेगी। सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश खाद्य-आवश्यक वस्तु निगम के दो अधिकारियों का दलजीत को संरक्षण प्राप्त रहा है। उसको ठेका दिलाने से लेकर उसकी मदद करने में इन अधिकारियों की सक्रिय भूमिका रही। सीबीआइ अधिकारियों के बैंक खातों की संदर्भित वर्ष की जांच भी कर रही है। 2004-05 व 2005-06 में हुए खाद्यान्न घोटाले में दलजीत सिंह और उसके कॉकस ने सरकार को 7.56 करोड़ रुपये का चूना लगाया है। इस रकम की हेराफेरी में उसने कइयों को हिस्सेदारी दी है। दलजीत और उसके साथियों की करतूत के बारे में सीबीआइ का आरोप है वर्ष 2004-05 एवं 2005-06 में पीडीएस के लिए आरक्षित अनाज को उठाकर खाद्यान्न को परिवहन में प्रयुक्त फर्जी नंबरों के वाहन से खुले बाजार में ब्लैक में बेच दिया गया।
Monday, April 30, 2012
खाद्यान्न घोटाले में यूपी को करोड़ों का चूना
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