नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो : देश में भ्रष्टाचार के मुकदमे वर्षों लंबित न रहेंगे क्योंकि भ्रष्टाचारियों पर मुख्य न्यायाधीश एसएच कपाडि़या की निगाह टेढ़ी हो गई है। कपाडि़या ने हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को पत्र लिखकर भ्रष्टाचार के मुकदमों का प्राथमिकता पर निपटारा सुनिश्चित करने को कहा है। भ्रष्टाचार के मुकदमों की सुनवाई को हाईकोर्ट जिला अदालतों में ही नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट में भी प्राथमिकता दी जाएगी। एसएच कपाडि़या ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को लिखे पत्र में कहा है कि वे हाईकोर्ट और जिला अदालतों में लंबित भ्रष्टाचार के मुकदमों का जल्द निस्तारण सुनिश्चत कराएं। भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत दर्ज मुकदमों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए। न्यायमूर्ति कपाडि़या ने सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री को भी भ्रष्टाचार के मुकदमें शीघ्र सुनवाई के लिए लगाए जाने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश का निर्देश है कि ऐसे सभी लंबित मामले तत्काल छांटकर लिस्टिंग ब्रांच को भेजे जाएं ताकि उन्हें सुनवाई सूची में पहले शामिल किया जा सके। भ्रष्टाचार निरोधक कानून के उल्लंघन के मुकदमें वर्षों अदालत में लंबित रहते हैं। इसका लाभ आरोपी सरकारी अधिकारियों को मिलता है जो कई बार चैन से नौकरी पूरी कर सेवानिवृत हो जाते हैं। लेकिन इसके विपरीत कई बार ऐसा भी होता है कि अदालत में मामला लंबित रहने के कारण अधिकारी को निर्दोष साबित होने तक प्रोन्नति से वंचित रहना पड़ता है।
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