आयोजन समिति प्रमुख सुरेश कलमाडी के निवास सहित कई ठिकानों पर छापे
सीबीआई ने आखिरकार कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाला मामले में आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी को घेरे में ले ही लिया। केंद्रीय जांच एजेंसी की टीम ने शुक्रवार को कलमाडी और उनके निजी सचिव मनोज भूरे के दिल्ली, मुंबई और पुणे स्थित ठिकानों पर छापा मारकर कई अहम दस्तावेज बरामद किए। कलमाडी के आवास पर मारे गए छापे में उनसे करीब आठ घंटे तक पूछताछ भी की गई। कॉमनवेल्थ गेम्स के कुछ ठेकों में कथित तौर पर अनियमितता की शिकायत मिलने के करीब दो माह बाद ये छापे मारे गए हैं।
सुबह कलमाडी के निवास स्थान पहुंची सीबीआई टीम उनके निजी सचिव आरके श्रीवास्तव को अपनेसाथ ले गई थी। इसका मकसद दोनों को आमने-सामने बैठाकर घोटाले से जुड़ी पूछताछ करना था। कलमाडी के घर पूछताछ के बाद सीबीआई उनके एक और सचिव शेखर को पूछताछ के लिए अपने साथ मुख्यालय ले आई। तलाशी अभियान में कलमाडी के घर और आयोजन समिति के दफ्तर से कई कंप्यूटर और फाइलें बरामद की गई हैं। कलमाडी और उनके सचिवों से सबसे अहम सवाल क्वींस बेटन रिले के संबंध में किया गया। आयोजन समिति प्रमुख से पूछा गया कि बेटन रिले आयोजन के लिए समिति के आधिकारिक लोगों को छोड़ निजी सचिव भूरे को एक महीने पहले लंदन क्यों भेजा गया। कलमाडी के सामने श्रीवास्तव से सवाल किया गया कि भूरे ने उन्हें लंदन से लाकर कौन सा बैग दिया था और उस बैग में क्या था? सूत्र के मुताबिक, इस सवाल का जवाब घपले के एवज में पैसे के लेनदेन की कड़ी को पुख्ता करता है। टाइम रिकॉर्डिंग सिस्टम और आयोजन समिति के कई अधिकारियों के रोल के बारे में भी पूछताछ की गई। सूत्र के मुताबिक, समिति के पूर्व संयुक्त महानिदेशक आर के सचेती और सजावट के लिए नियुक्त उप महानिदेशक संगीता वेलिंगकर के संबंध में भी कई सवाल किए गए। सीबीआई की जांच के मुताबिक इन्हीं दोनों की पेशकश पर ज्यादातर निजी कंपनियों को काम दिए गए थे।
अनियमितता की शिकायत के दो माह बाद पड़े छापे
कलमाडी के तीन सचिवों से भी की गई पूछताछ
कलमाडी को बलि का बकरा न बनाएं : भाजपा
जम्मू। कलमाडी के ठिकानों पर सीबीआई के छापों को भाजपा ने ‘आंखों में धूल झोंकने’ जैसा बताया है। भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने यहां कहा, ‘कलमाडी के खिलाफ कार्रवाई स्वागत योग्य है, लेकिन बलि के बकरे के रूप में उनका इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।’
‘अकेले नहीं लिया फैसला’
कलमाडी ने कहा है कि उन्होंने कोई निर्णय अकेले नहीं लिया। छापे के बाद उन्होंने कहा, ‘आयोजन समिति का बजट 1500 करोड़ था जो इन खेलों के कुल बजट का चार से पांच प्रतिशत है। जब तक मेरा गुनाह साबित नहीं हो जाता तब तक मैं निर्दोष हूं।’
राजा से हुई दस घंटे तक पूछताछ
नई दिल्ली (ब्यूरो/एजेंसी)। बहुचर्चित टूजी स्पेक्ट्रम घोटाला मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा से शुक्रवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने करीब 10 घंटे तक लंबी पूछताछ की। राजा पहली बार सीबीआई के सामने पेश हुए हैं। सीबीआई मुख्यालय में हुई इस पूछताछ के बाद राजा ने कहा कि उन्होंने जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग किया है। नोटिस भेजे जाने के बाद राजा खासतौर पर इसी पूछताछ के लिए चेन्नई से दिल्ली पहुंचे थे। सीबीआई सूत्र ने बताया कि स्पेक्ट्रम आवंटन की सभी अनियमितताएं फाइल में मौजूद हैं। एजेंसी के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन तारों को जोड़ना और इस बात को रिकॉर्ड पर लाना है कि इन अनियमितताओं की एवज में किसने, कितने पैसे बनाए और वे पैसे कहां गए।

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