Tuesday, December 28, 2010

बैंक अफसर ने दो सौ करोड़ डकारे

बैंक की फर्जी स्कीम बताकर निवेशकों को दिया झांसा

गुड़गांव। बैंक का एक अधिकारी फर्जी स्कीमें बताकर निवेशकों के दो सौ करोड़ ठगकर चंपत हो गया। लोगों को झांसा देने के लिए आरोपी ने भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड का फर्जी पत्र भी बनाया था। अधिकारी के लापता होने के बाद बैंक और लोगों को इस फर्जीवाड़े की जानकारी हुई। बैंक अधिकारी ने आरोपी के खिलाफ डीएलएफ फेज टू में मामला दर्ज करवाया है। उधर, पुलिस ने आरोपी को विदेश भागने से रोकने के लिए लुकआउट सर्कुलर जारी किया है। देश के तमाम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों में उसके फोटो भेज दिए गए हैं।
डीएलएफ फेज टू स्थित स्क्वायर बिल्डिंग में सिटी बैंक की शाखा की ओर से पुलिस को दी शिकायत में बैंक के सहायक उपाध्यक्ष वीनू सोमन ने बताया कि दिल्ली निवासी शिवराज पुरी पिछले दो वर्षों से बैंक में बतौर रिलेशनशिप मैनेजर तैनात था। शिवराज को निवेशकों से संपर्क कर बैंक की विशेष स्कीमों की जानकारी देकर उन्हें ग्राहक बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन उसने यहां गड़बड़ी शुरू कर दी। उसने लोगों को एक साल में रकम दोगुनी करने की विशेष स्कीम का लालच देना शुरू कर दिया। इसी दौरान अपने रिश्तेदारों और फर्जी खातों में करीब दो सौ करोड़ रुपये जमा करा लिए।
पूछताछ करने पर उसने कुछ निवेशकों को सेबी का फर्जी पत्र भी दिखाया।
इसमें स्कीम के लिए अनुमति देना दर्शाया गया था। मामले की जांच कर रहे एसीपी (डीएलएफ) दलबीर सिंह ने बताया कि बैंक का नाम बीच में होने और सेबी का फर्जी पत्र दिखाकर उसने लोगों को झांसे में ले लिया। ऐसे में बड़ी संख्या में निवेशकों ने शिवराज द्वारा बताए गए बैंक के खाते में करीब दो सौ करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि जमा करा दी। जब तक किसी को इस मामले में शक होता, तब तक शिवराज रकम को खातों से निकालकर चंपत हो गया। फिलहाल पुलिस शिवराज से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ में जुटी हुई है। पुलिस को डर है कि शिवराज देश छोड़कर भी भाग सकता है।

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