Tuesday, March 22, 2011

फेमा के तहत कलमाड़ी के खिलाफ कार्रवाई तय


ठोस सबूत के अभाव में राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी भले ही अब तक भ्रष्टाचार के मामलों मेंसीबीआइ के शिकंजे से बचते रहे हों, लेकिन विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून (फेमा) के उल्लंघन के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का उनके खिलाफ शिकंजा कसना तय है। ईडी ठोस सबूतों के साथ कलमाड़ी को फेमा उल्लंघन के मामले में कारण बताओ नोटिस भेजने की तैयारी में जुटा है। फेमा के तहत भेजा गया कारण बताओ नोटिस आरोप पत्र के समान ही होता है और इसके आधार पर फेमा उल्लंघन के मामलों की सुनवाई के लिए बने विशेष ट्रिब्युनल में सुनवाई होती है। वैसे तो फेमा उल्लंघन के मामले में आरोपी को गिरफ्तार करने का कोई प्रावधान नहीं है, पर आरोपी को फेमा उल्लंघन की राशि का तीन गुना तक जुर्माना देना पड़ सकता है। राजस्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि लंदन में हुई क्वींस बेटन रिले के दौरान लगभग 11 करोड़ रुपये खर्च किए गए। वैसे आयोजन समिति ने विदेशी मुद्रा में किए गए इस खर्च के लिए रिजर्व बैंक से अनुमति ले ली थी लेकिन इनमें से एक करोड़ रुपये से अधिक (एक लाख 46 हजार पौंड) का भुगतान रिजर्व बैंक की अनुमति लिए बिना ही किया गया। रिजर्व बैंक की अनुमति के बिना भुगतान साफ तौर पर फेमा का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि आयोजन समिति के दफ्तर और रिजर्व बैंक से जुटाए गए दस्तावेजों से साफ है कि सुरेश कलमाड़ी के निर्देश के बाद ही एक करोड़ रुपये से अधिक की इस राशि को रिजर्व बैंक अनुमति लिए बिना खर्च कर दिया गया। फेमा के तहत कलमाड़ी को इस राशि के तीन गुना यानी तीन करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना देना पड़ सकता है|

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