2जी घोटाले में फंसी शाहिद बलवा और उसकी कंपनी डीबी रियलिटी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले हफ्ते डीबी एतिसलात के खिलाफ 7100 करोड़ रुपये के फेमा उल्लंघन का कारण बताओ नोटिस जारी करने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने डीबी रियलिटी और उसकी दो सहयोगी कंपनियों के खिलाफ विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून (फेमा) का उल्लंघन कर विदेशी निवेश लाने के मामले में नया केस दर्ज किया है। इसके अलावा टाटा ग्रुप की वर्जिन मोबाइल के खिलाफ भी फेमा उल्लंघन के मामले की जांच की जा रही है। ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि डीबी रियलिटी और उसकी दो सहयोगी कंपनियों मिल्कीवे व ईटीए स्टार प्रापर्टी डेवलपर्स के खिलाफ फेमा उल्लंघन की शिकायत मिली थी। शुरुआती जांच में शिकायतों के सही पाए जाने के बाद इन तीनों कंपनियों के खिलाफ 2000 करोड़ रुपये से अधिक के फेमा उल्लंघन का केस दर्ज कर लिया गया है। इनमें डीबी रियलिटी के खिलाफ 1621 करोड़ रुपये, मिल्कीवे के खिलाफ 78.64 करोड़ और ईटीए स्टार प्रापर्टी डेवलपर्स के खिलाफ 321 करोड़ रुपये के फेमा उल्लंघन आरोप हैं। डीबी रियलिटी के साथ ही ईडी ने वर्जिन मोबाइल के खिलाफ भी फेमा नियमों के उल्लंघन का आरोप है। वर्जिन मोबाइल टाटा टेलीकाम और वर्जिन मारीशस की संयुक्त उपक्रम है, जिसमें दोनों की आधी-आधी भागीदारी है। ईडी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वर्जिन मोबाइल के खिलाफ भी 100.10 करोड़ रुपये के फेमा उल्लंघन की शिकायत मिली थी, जिसके आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि इन सभी कंपनियों को जल्द ही नोटिस भेजकर इस संबंध में पूछताछ की जाएगी।
नीलू रंजन, पृष्ठ संख्या 03, दैनिक जागरण (राष्ट्रीय संस्करण), 12 जुलाई, 2011

No comments:
Post a Comment