Saturday, July 30, 2011

रामदेव की जमीन को केंद्र से नहीं मिली मंजूरी

, शिमला हिमाचल में पतंजलि योगपीठ स्थापित करने के लिए योग गुरु बाबा रामदेव द्वारा सोलन में खरीदी गई जमीन को अभी केंद्र से मंजूरी नहीं मिली है। रामदेव ने साधुपुल में हाल ही में 96 बीघा जमीन खरीद थी। हालांकि राज्य सरकार ने रामदेव को जमीन सौंप दी है, लेकिन हकीकत में अभी तक केंद्रीय वन मंत्रालय ने इसके लिए हरी झंडी नहीं दी है। ऐसे में बाबा रामदेव की आशाओं पर पानी फिर सकता है। पतंजलि योगपीठ स्थापित करने के लिए प्रदेश सरकार रामदेव पर मेहरबान हुई थी तो केंद्र सरकार ने इस पर रुचि नहीं दिखाई। साधुपुल स्थित 96 बीघा जमीन को अपने नाम करने के लिए रामदेव व पतंजलि योगपीठ को अभी इंतजार करना पड़ेगा। योग गुरु रामदेव ने पासपोर्ट मामले में आचार्य बालकृष्ण की गिरफ्तारी पर रोक लगाने के हाईकोर्ट के फैसले को बाबा रामदेव ने न्याय की जीत करार दिया। बाबा ने कहा कि उन्होंने या आचार्य ने कभी सीबीआइ के साथ असहयोग नहीं किया। साधुपुल में जो जमीन प्रदेश सरकार ने रामदेव को दी है वह पटियाला के महाराजा की थी। प्रदेश सरकार ने इस भूमि को अपने अधीन कर लिया था। पिछले साल सोलन में योग शिविर के दौरान प्रदेश सरकार ने रामदेव को यह जमीन दे दी थी। साधुपुल में रामदेव की जमीन को मंजूरी मिलने से पहले ही वहां पर काम शुरू कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक पतंजलि योगपीठ को स्थापित करने के लिए यहां पर काम जोरों पर चला हुआ है। केंद्र सरकार से हरी झंडी न मिलने के बावजूद यहां निर्माण हो रहा है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ठाकुर कौल सिंह का कहना है कि रामदेव को दी गई जमीन की जांच होनी चाहिए।

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