Thursday, July 28, 2011

येद्दयुरप्पा ने अपनी किस्मत का फैसला गडकरी पर छोड़ा

नई दिल्ली भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी से साफ कर दिया है कि कर्नाटक में लोकायुक्त की रिपोर्ट आने के बाद ही मुख्यमंत्री बीएस येद्दयुरप्पा के बारे में पार्टी फैसला लेगी। विदेश यात्रा से लौटने के बाद येद्दयुरप्पा खुद तो दिल्ली नहीं आए, लेकिन उन्होंने गडकरी को एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ आरोपों की जांच पार्टी की समिति से कराए जाने की मांग की है। बेंगलूर पहुंचे येद्दयुरप्पा ने कहा है कि वे इस्तीफा तो नहीं देंगे लेकिन उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य का फैसला पार्टी अध्यक्ष पर छोड़ दिया है। विदेश यात्रा से लौटते ही कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येद्दयुरप्पा ने लोकायुक्त रिपोर्ट आने से पहले ही अपनी मजबूत मोर्चाबंदी कर ली है। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी से बात कर उन्हें अपनी सफाई दी और कहा कि उनके बारे में पार्टी जो भी निर्णय करेगी, वे उसे स्वीकार करेंगे। येद्दयुरप्पा ने अपने खिलाफ लग रहे आरोपों की जांच के लिए पार्टी की एक समिति से जांच कराए जाने की मांग भी की है। गडकरी को लिखे पत्र में उन्होंने इसकी अगुवाई पार्टी में अपने धुर विरोधी माने जाने वाले राष्ट्रीय महासचिव अनंत कुमार से कराने की मांग की है। इस समिति में प्रभारी महासचिव धर्मेद्र प्रधान व पूर्व अध्यक्ष वेंकैया नायडू को रखने का आग्रह किया है। येद्दयुरप्पा को हटाए जाने के सवालों के बीच गडकरी ने स्पष्ट किया कि वे धारणा के आधार पर फैसला नहीं लेते हैं। जब लोकायुक्त की रिपोर्ट आ जाएगी, पार्टी उचित फैसला लेगी। अभी जो खबरे आ रही हैं उनमें विरोधाभास है। वे पहले ही स्पष्ट कर चुके है कि जब भी किसी संवैधानिक संस्था से कोई रिपोर्ट मुख्यमंत्री या सरकार के खिलाफ आएगी, पार्टी कार्रवाई करेगी। इस मामले में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शांता कुमार के येद्दयुरप्पा को पद से हटाने के बयान को भी पार्टी ने गंभीरता से लिया है। गडकरी ने कहा है कि पार्टी के किसी भी नेता को मीडिया में इस तरह की बातें नहीं करनी चाहिए। शांता कुमार ने जो कहा वह कतई उचित नहीं है। पार्टी सूत्रों के अनुसार गडकरी ने शांता कुमार से भी बात कर इस मामले में गहरी नाराजगी जताई है।

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