अवैध खनन मामले में कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येद्दयुरप्पा और राज्य के अन्य मंत्रियों को दोषी ठहराने वाली रिपोर्ट अभी आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक भी नहीं हुई है मगर कर्नाटक के राज्यपाल एचआर भारद्वाज ने इस मामले को राष्ट्रपति के दरवाजे तक ले जाने की घोषणा कर राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। उन्होंने रविवार को कहा कि लोकायुक्त एन संतोष हेगड़े की रिपोर्ट पेश हो जाने के बाद वह उस पर अपना आकलन राष्ट्रपति को भेजेंगे। भारद्वाज के रुख से साफ हो गया है कि इस मामले में केंद्र और राज्य सरकार और परोक्ष तौर पर भाजपा-कांग्रेस के बीच सियासी तलवारें खिंचना तय है। यह पूछने पर कि क्या कर्नाटक में राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए क्या खनन घोटाला उचित मामला है? इस पर उन्होंने कहा, मेरे पास सत्तापक्ष या विपक्ष किसी की ओर ऐसा आग्रह नहीं आया है कि राष्ट्रपति शासन या किसी अन्य चीज की जरूरत है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट अभी सरकार को सौंपी जानी है, लेकिन पिछले हफ्ते यह लीक हो गई। राज्यपाल ने एक बार फिर कहा कि सरकार के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए उनके पास संवैधानिक शक्तियां हैं। मीडिया के माध्यम से यह बात सार्वजनिक हो गई कि इसमें मुख्यमंत्री येद्दयुरप्पा और चार मंत्रियों को दोषी बताते हुए उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की सिफारिश की गई है। इस घोटाले के कारण मार्च 2009 के बाद के चौदह महीनों में प्रदेश सरकार के राजस्व को 1800 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। भारद्वाज ने कहा, चीजों (खनन रिपोर्ट) को रिकार्ड में आ जाने दें, तभी मैं अपनी राय राष्ट्रपति से व्यक्त कर सकूंगा। यह राय प्रेस को लीक नहीं हो सकती। लोकायुक्त के टेलीफोन टैपिंग के मामले में उन्होंने कहा कि यह मामला हेगड़े और जिनके खिलाफ यह शिकायत की है उनके बीच का है। राज्यपाल ने कहा, जिन लोगों ने हेगड़े को प्रभावित करने या उनका टेलीफोन टैप करने की कोशिश की वे बहुत जिम्मेदार लोग हैं। हमारे या आपके जैसे लोग टेलीफोन टैप नहीं कर सकते। इसलिए इस मामले में मेरी कोई भूमिका नहीं है।
Tuesday, July 26, 2011
खनन घोटाले पर राष्ट्रपति को भेजेंगे रिपोर्ट
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