नई दिल्ली 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले में घिरे पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा के निजी सचिव आरके चंदौलिया ने शुक्रवार को सारे आरोप राजा के सिर मढ़ दिए। चंदौलिया ने यह कहकर बचने की कोशिश की कि मैं तो राजा के आदेशों को पालन कर रहा था। उसने यह भी कहा कि इस मामले में टाटा और कॉरपोरेट लॉबिस्ट नीरा राडिया को भी आरोपी बनाया जाना चाहिए। विशेष सीबीआइ अदालत ने चंदौलिया की अंतरिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। केस रिपोर्ट का जिक्र करते हुए चंदौलिया की ओर से कहा गया कि राजा के एक सहयोगी असीर वथम आचार्य ने कलैगनार टीवी को टाटा स्काई डीटीएच पर लाने के लिए राजा और राडिया के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। खुद को आरोप मुक्त किए जाने की मांग करते हुए चंदौलिया ने कहा कि वह बिना किसी उद्देश्य के अपने मास्टर (राजा) के आदेश का पालन कर रहा था। उसने यह भी दलील दी कि उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए सही अनुमति ही नहीं ली गई थी। चंदौलिया के वकील ने कहा, जब डील के बारे में राडिया और आचार्य के बीच बातचीत हो रही थी तो आचार्य ने एक बार भी नहीं पूछा कि वह (राडिया) किस बारे में बातचीत कर रही है। जिससे जाहिर होता है कि कलैगनार टीवी और टाटा के बीच हुई डील के बारे में आचार्य को पता था। लिहाजा टाटा, राडिया, आचार्य और कलैगनार टीवी को भी आरोपी बनाया जाना चाहिए।
Saturday, July 30, 2011
चंदौलिया ने सारे आरोप राजा के सिर मढ़े
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