देहरादून सीबीआइ ने योग गुरु बाबा रामदेव के करीबी आचार्य बालकृष्ण के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों से पासपोर्ट लेने के आरोप में रविवार को दो मामले दर्ज किए। जांच एजेंसी ने बालकृष्ण को फर्जी डिग्री पेश करने के मामले में धोखाधड़ी (420) आपराधिक साजिश (120-बी) और भारतीय पासपोर्ट अधिनियम की धारा 12 के तहत आरोपी बनाया है। सीबीआइ का यह कदम आचार्य की गिरफ्तारी के होमवर्क के रूप में देखा जा रहा है। इन दो मुकदमों के बाद माना जा रहा है कि सीबीआइ उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर सकती है। चार जून को दिल्ली के रामलीला मैदान की घटना के बाद से आचार्य बालकृष्ण के भारतीय नागरिक होने और उनके पासपोर्ट हासिल करने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, सीबीआइ ने इस मामले में गहन पड़ताल की। वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा बालकृष्ण की डिग्री को गलत बताए जाने के बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज करने का फैसला किया। विवि के रजिस्ट्रार रजनीश शुक्ला का कहना था कि बालकृष्ण ने अपनी डिग्री का जो नंबर बताया है वह विवि के अभिलेखों से नहीं मिलता। उन्होंने 1991 में पूर्व मध्यमा (हाईस्कूल) और 1996 में शास्त्री की डिग्री पेश की है, जो विवि के रिकार्ड से मेल नहीं खाती। हरिद्वार नगर पालिका कार्यालय से उनके जन्म प्रमाण पत्र संबंधी मूल दस्तावेज गायब होने का मामला पहले ही खुल चुका है। सीबीआइ के एसपी नीलाभ किशोर ने बताया, बरेली के पासपोर्ट दफ्तर से मिले दस्तावेजों की जांच के बाद आचार्य के खिलाफ पासपोर्ट अधिनियम 12 के साथ ही धारा 420, 467, 468, 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
Tuesday, July 26, 2011
रामदेव के साथी बालकृष्ण को गिरफ्तार करने की तैयारी
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

No comments:
Post a Comment