पटियाला हाउस स्थित विशेष अदालत ने बुधवार को 2-जी घोटाले में आरोपित रिलायंस टेलीकॉम के समूह प्रबंध निदेशक गौतम दोषी, रिलायंस एडीएजी के अध्यक्ष सुरेंद्र पिपारा, रिलायंस एडीएजी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरि नायर, तमिलनाडु की यूनिटेक वायरलेस के प्रबंध निदेशक संचय चंद्रा तथा स्वान टेलीकॉम के सह प्रवर्तक विनोद गोयनका की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत के निर्देश पर पांचों को तिहाड़ जेल भेज दिया गया। सीबीआइ ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में अपने पहले आरोपपत्र में नौ लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था, इनमें इन पांचों के भी नाम थे, लेकिन जांच एजेंसी ने अभी तक इन्हें गिरफ्तार नहीं किया था। इस कार्रवाई के बाद घोटाले के सभी नौ आरोपी जेल पहुंच गए हैं। विशेष अदालत के फैसले के तुरंत बाद इन अधिकारियों ने फैसले के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का मन बनाया है। आरोपितों का यह कदम खासा अहम है, क्योंकि 2जी मामले की निगरानी कर रहे सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट आदेश दे रखा है कि देश की कोई भी अदालत इस मामले से संबंधित किसी भी आवेदन और याचिका पर सुनवाई नहीं करेगी। पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआइ अदालत के न्यायाधीश ओपी सैनी ने 15 अप्रैल को पांचों आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद फैसला बुधवार तक के लिए सुरक्षित रख लिया था। न्यायाधीश सैनी ने सीबीआइ की दलील पर स्वीकार्य कर लिया कि चूंकि यह हजारों करोड़ का घोटाला है और ये सभी अधिकारी प्रभावशाली और असरदार रखने वाले हैं लिहाजा अगर उन्हें इतनी जल्दी जमानत दे दी जाएगी तो इस बात की पूरी आशंका है कि ये आरोपी फरार हो जाएंगे ताकि सुनवाई की सुचारु प्रक्रिया में अवरोध पैदा कर सकें। बचाव पक्ष ने तमाम तर्को के साथ दलील दी कि आरोपियों को जमानत दी जानी चाहिए क्योंकि उन्हें जांच के दौरान गिरफ्तार नहीं किया गया। अदालत ने अपने 42 पृष्ठ के आदेश में कहा, प्रकृति और महत्व को देखने के बाद यह लगता है कि अपराध बड़ा है तो जमानत अर्जी खारिज की जा सकती है। इसके लिए इस बात के कोई मायने नहीं कि आरोपी को अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। ऐसे मामलों गिरफ्तारी और अदालत से समन न जारी किए जाने की बातें गौण हो जाती हैं। अदालत ने आरोपियों की उस मांग को भी नकार दिया जिसमें अगले सात दिन तक गिरफ्तारी से सुरक्षा का अनुरोध किया गया था। आरोपियों का कहना था कि अदालत उन्हें कुछ दिनों की मोहलत दे दे ताकि वे अपनी अनुपस्थिति के दौरान कारोबार के प्रबंधन की कुछ वैकल्पिक व्यवस्था कर सकें। रिलायंस टेलीकॉम में अधिकारी संजय पिपारा ने जमानत के लिए अपनी बीमारी को आधार बनाया, लेकिन उसे भी अदालत ने ना मंजूर कर दिया। जेल भेजे गए पांचों अधिकारियों को दैनिक सुनवाई के लिए रोजाना जेल से अदालत आना होगा। दरअसल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 2जी स्पेक्ट्रम मामले की सुनवाई रोज हो रही है। उल्लेखनीय है कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में अब तक कुल 9 आरोपी तिहाड़ जेल पहुंच चुके हैं। पांचों अधिकारियों से पहले पूर्व दूर संचार मंत्री ए. राजा, दूर संचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा, दूर संचार मंत्री के तत्कालीन सचिव आर.के. चंदौलिया और स्वान टेलीकॉल के प्रमोटर शाहिद बलवा तिहाड़ जेल में हैं। 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले मामले में सीबीआइ ने बीते 2 अप्रैल को विशेष कोर्ट में 80,000 पन्नों का अपना पहला आरोप पत्र दाखिल किया है जिसमें ए.राजा समेत 9 लोगों को अभियुक्त बनाया है।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

No comments:
Post a Comment