Wednesday, April 27, 2011

स्विस बैंक में सबसे ज्यादा काला धन भारतीयों का


विदेशी बैंकों में जमा काले धन को लेकर जारी गहमागहमी के बीच विकिलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे ने मंगलवार को इस मुद्दे पर एक सनसनीखेज रहस्योद्घाटन किया। काला धन मसले पर नया विवाद खड़ा करने वाली अपनी टिप्पणी में असांजे ने कहा कि विकिलीक्स द्वारा सार्वजनिक की जाने वाली स्विस बैंक खाताधारकों की सूची में भारतीय नागरिकों के भी नाम हैं, जिसमें कुछ बड़े नाम भी शामिल हो सकते हैं। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि स्विस बैंक में सबसे ज्यादा काला धन भारतीयों का ही जमा है। संप्रग सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए असांजे ने कहा, सरकार के इस दावे में कोई दम नहीं है कि कालेधन का पता लगाने के तरीके में दोहरा कराधान रोकने संबंधी संधियां अवरोध पैदा कर रही हैं। जूलियन असांजे ने एक अंग्रेजी न्यूज चैनल से बातचीत में कहा, हां, स्विस बैंक संबंधी जानकारी में भारतीयों के नाम भी हैं, जिनका हम पहले ही प्रकाशन कर चुके हैं या करने वाले हैं। मुझे किसी विशिष्ट भारतीय का नाम याद नहीं है जो हमारे आगामी प्रकाशन में होगा, लेकिन मैंने भारतीय नाम पढ़े हैं। खाताधारकों में कुछ बड़े नाम होने के संकेत देते हुए असांजे ने कहा, स्विस बैंकिंग संस्थानों में खाता खोलने के लिए कम से कम 10 लाख डॉलर की जरूरत होती है, जो काफी ज्यादा राशि है और यह आम भारतीय के पास नहीं होती। इस सवाल पर कि क्या नामों का कभी भी खुलासा हो जाएगा, उन्होंने कहा, आपको उम्मीद बिल्कुल नहीं छोड़नी चाहिए। असांजे ने कहा, कालाधन छिपाकर रखने का मुद्दा स्थानीय स्तर पर होने वाले भ्रष्टाचार से भी बदतर है, क्योंकि इसमें धन को देश से बाहर भेज दिया जाता है। ऐसा करने वाले हर बार रुपए को बेचते हैं, नतीजतन देश की मुद्रा का मूल्य कम होता है। इस हस्तांतरण के चलते सभी भारतीयों के लिए सब कुछ महंगा हो जाता है। असांजे ने कहा, कालेधन का पता लगाने के मसले पर भारत के अधिक आक्रामक न होने का कोई कारण नहीं है। दूसरे देशों में जमा कालेधन का पता लगाने के जर्मन सरकार के आक्रामक तरीके की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, भारत को अधिक आक्रामक होना चाहिए क्योंकि ऐसा प्रतीत होता है कि भारत को प्रति व्यक्ति प्राप्त होने वाले कर के मामले में जर्मनी के मुकाबले अधिक नुकसान हो रहा है। असांजे ने आरोप लगाया कि विकीलीक्स के केबलों पर भारत सरकार की प्रतिक्रिया विश्व में बदतर रही और केबलों में क्या है, इस बारे में देश को गुमराह करने की साफ तौर पर कोशिश हुई। उन्होंने भारत सरकार के इन दावों को भी खारिज कर दिया कि कालेधन का पता लगाने के तरीके में दोहरा कराधान रोकने संबंधी संधियां अवरोध पैदा कर रही हैं। असांजे ने कहा, दोहरे कराधान का छिपाकर रखी गई दौलत से कोई लेनादेना नहीं है। इससे छिपा कर रखी गई संपत्ति पर पर्दा नहीं पड़ता। उल्लेखनीय है कि असांजे ने पूर्व में दावा किया था कि उन्हें पूर्व बैंकर रूडॉल्फ एल्मर से बैंक खातों से संबंधी दस्तावेज मिले थे। इनमें अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, ऑस्टि्रया और एशिया के कारोबारी, नेता, कला क्षेत्र के लोग और बहुराष्ट्रीय कंपनियां चलाने वाले लोगों के नाम शामिल हैं|

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