Monday, April 18, 2011

उपराज्यपाल इकबाल का इस्तीफा तय


देश के बड़े नौकरशाहों और नेताओं का 35 हजार करोड़ से ज्यादा का काला धन विदेशी बैंकों में छुपाने के आरोपी हसन अली के साथ संबंधों को लेकर जांच के घेरे में आए पुद्दुचेरी के उपराज्यपाल इकबाल सिंह अगले हफ्ते किसी भी दिन इस्तीफा दे सकते हैं। मामले की जांच कर रहा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इकबाल सिंह से पूछताछ करना चाहता है, लेकिन संवैधानिक पद पर रहते हुए उनसे पूछताछ नहीं की जा सकती है। इसलिए ईडी के सामने पेशी से पहले उन्हें इस्तीफा देना पड़ेगा। दरअसल, संविधान राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से किसी भी जांच एजेंसी को पूछताछ करने की इजाजत नहीं देता है। ऐसे में इकबाल सिंह से पूछताछ का एक ही तरीका है कि वे खुद ही अपने पद से इस्तीफा दे दें। यही कारण है कि ईडी सिंह को नोटिस भेजने के बजाए उनके इस्तीफे का इंतजार कर रहा है। वहीं उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ने इकबाल सिंह को इस संवैधानिक संकट के बारे में बता दिया है और उन्हें इस्तीफा देकर ईडी की जांच का सामना करने को कह दिया गया है। सरकार का मानना है कि इस मामले में ईडी की पूछताछ का सामना करने के अलावा सिंह के पास कोई चारा नहीं है। इस मामले में गिरफ्तार किए जा चुके हसन अली और काशीनाथ तापुडि़या की पत्नी के पासपोर्ट बनाने में मदद करने के पुख्ता सबूत हैं। इकबाल सिंह ने पिछले हफ्ते केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम को पत्र लिखकर हसन अली मामले में सफाई देने के साथ ही अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी थी। हालांकि चिंदबरम को लिखे पत्र में इकबाल सिंह ने खुद स्वीकार किया है कि उन्होंने हसन अली और काशीनाथ तापुडि़या की पत्नी का पासपोर्ट बनाने में मदद की थी, लेकिन इसका सारा दोष उन्होंने बिहार के कांग्रेसी नेता अमलेन्दु कुमार पांडे पर डाल दिया है। इस मामले में उपराज्यपाल इकबाल सिंह ने शुक्रवार को गृहमंत्री पी. चिदंबरम से दिल्ली में मुलाकात करके अपनी सफाई पेश की थी |

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