Thursday, April 21, 2011

भूखंडों से घिरे भूषण


अपने खिलाफ आई एक सीडी से निपटने की कोशिश कर रहे पूर्व कानून मंत्री और साझा मसौदा समिति के सह अध्यक्ष शांतिभूषण अब नोएडा प्राधिकरण से बिना ड्रा के जरिये मिले दो भूखंडों के कारण घिर गए हैं। इनमें एक भूखंड उनके बेटे जयंत भूषण को मिला है। इन भूखंडों का मामला सामने आते ही अमर सिंह ने उन्हें नए सिरे से घेरा है। संतोष हेगड़े, किरन बेदी आदि ने उनका बचाव किया है तो कांग्रेस की प्रवक्ता जयंती नटराजन ने कहा है कि उन्हें इस पर कुछ नहीं कहना। उन्होंने उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी के इस बयान को उनकी निजी राय बता दिया कि शांतिभूषण को मसौदा समिति से हट जाना चाहिए। इसी तरह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने शांति भूषण-प्रशांत भूषण को मसौदा समिति से हटाने की मांग की है तो आरएसएस ने कहा है कि समिति में कौन रहे और कौन नहीं, इससे उसे मतलब नहीं। खुद शांति भूषण ने अपने ऊपर लगे आरोपों को लोकपाल आंदोलन को बदनाम करने की साजिश का हिस्सा बताया है। उन्होंने दिग्विजय सिंह को मानहानि का नोटिस भिजवाया है। सुप्रीम कोर्ट के वकील विकास सिंह ने शांति भूषण और उनके बेटे जयंत भूषण को नोएडा में आवंटित भूखंडों पर अंगुली उठाई है। उन्होंने इसके खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में याचिका भी दायर की है। शांति भूषण का कहना है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के किसी विवेकाधीन कोटे से कोई लाभ नहीं लिया। यह एक खुली योजना थी, जिसके लिए छपे विज्ञापन पर उन्होंने 31 लाख रुपये की आवेदन राशि के साथ आवेदन किया था। जब उन्हें नोएडा प्राधिकरण की ओर से आवंटन की सूचना मिली तो वे खुद हैरान हुए कि इसके लिए ड्रा के बिना फैसला कैसे लिया गया। उन्होंने कहा कि वे और उनके पुत्र जयंत, दोनों ही माया सरकार के खिलाफ मुकदमे लड़ रहे हैं इसलिए उससे फायदा उठाने का सवाल ही नहीं उठता। यदि इसमें कोई भी गड़बड़ी हुई है तो इस आवंटन को रद्द कर दिया जाए। वे इसे चुनौती नहीं देंगे। सपा के पूर्व नेता अमर सिंह ने खुद से कभी मुलाकात न होने के शांति भूषण के दावे को चुनौती दी है। अमर सिंह के मुताबिक 2006 में सपा के एक मामले की पैरवी के लिए शांतिभूषण ने 50 लाख रुपये लिए थे और उनके लखनऊ जाने के लिए चार्टर्ड विमान खुद उन्होंने बुक कराया था। उन्होंने उनसे मुलाकात भी की थी। उन्होंने उनके भूखंडों पर भी सवाल खड़े किए हैं। चौतरफा हमले झेल रहे शांतिभूषण ने बुधवार को कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के खिलाफ मानहानि का नोटिस भिजवा दिया। भूषण ने उन्हें एक टीवी चैनल के साथ बातचीत में खुद पर लगाए आरोपों के लिए तुरंत सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने को कहा है, मगर दिग्विजय सिंह ने यह नोटिस मिलने के बाद भी कहा कि वे अपने बयान पर कायम हैं|

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