Wednesday, April 13, 2011

मनमोहन सिंह को भ्रष्टाचार छिपाने की आदत : असांजे


 विकिलीक्स के संपादक जूलियन असांजे ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा है कि भारतीय प्रधानमंत्री व्यक्तिगत तौर पर भले ही भ्रष्ट नहीं हैं, लेकिन संकेत यही मिलते हैं कि उन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों को छिपाने की आदत है। गोपनीय जानकारियों को सार्वजनिक करने का अभियान चलाने वाली वेबसाइट विकिलीक्स के संपादक जूलियन असांजे ने भारत के एक प्रमुख अंग्रेजी अखबार को दिए साक्षात्कार में यह बात कही। उन्होंने कहा कि मेरा ख्याल है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भ्रष्टाचार के आरोपों को छिपाने की आदत है। हालांकि बीबीसी के अनुसार,कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि भ्रष्टाचार से जुड़े जो मामले भी सामने आए हैं सरकार ने उनके खिलाफ फौरन कार्रवाई की है। असांजे इन दिनों ब्रिटेन के एक शहर में अपने एक दोस्त के यहां रह रहे हैं। असांजे ने कहा, मैंने पढ़ा तो है कि इस बारे में सभी एक मत हैं कि मनमोहन सिंह निजी तौर पर भ्रष्ट नहीं हैं, लेकिन विकिलीक्स के बारे में संसद में दिया गया उनका बयान दूसरे लोगों के भ्रष्टाचार को छिपाने की कोशिश है। भारत से संबंधित विकिलीक्स दस्तावेजों की प्रमाणिकता पर शक किए जाने पर उन्होंने कहा कि पिछले चार सालों में हमने जो भी दस्तावेज प्रकाशित किए हैं उनकी विश्वसनीयता पर आज तक किसी ने सवाल नहीं उठाए हैं। मुझे लगता है कि मनमोहन सिंह का इस तरह का बयान भारत के लोगों को जानबूझकर गुमराह करने की कोशिश है। ज्ञात हो कि वोट के बदले नोट कांड में प्रधानमंत्री ने संसद में बयान दिया था कि सरकार विकिलीक्स की ओर से सामने लाए गए दस्तावेजों की सच्चाई, विषय-वस्तु और यहां तक कि उनके होने की भी पुष्टि नहीं कर सकती। जूलियन असांजे ने कहा, मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री को सीधे तौर पर कहना चाहिए था कि जो आरोप लगे हैं वे बहुत गंभीर हैं, सरकार मामले की पूरी जांच करेगी और संसद में रिपोर्ट पेश करेगी। अगर उन्होंने ऐसा किया होता तो ज्यादा बेहतर होता। विकिलीक्स के संपादक ने कहा कि भारत में भयंकर भ्रष्टाचार है और इसके बारे में जरूर कुछ किया जाना चाहिए। इसी क्रम में उन्होंने समाजसेवी अन्ना हजारे समेत भारत में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे लोगों की तारीफ भी की|

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