Sunday, April 10, 2011

टेलीकॉम कंपनियों के खिलाफ फेमा उल्लंघन का केस


2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में फंसी कंपनियों की मुसीबत बढ़ गई है। 2जी स्पेक्ट्रम पाने के बाद विदेशी कंपनियों को हिस्सेदारी बेचने में इन कंपनियों ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून (फेमा) का जमकर उल्लंघन किया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इन कंपनियों को 4300 करोड़ रुपये से अधिक के फेमा के उल्लंघन का आरोपी पाया है। फेमा उल्लंघन की आरोपी कंपनियों में स्वान टेलीकाम, लूप मोबाइल, लूप टेलीकाम, एस टेल और वेलकम कम्यूनिकेशन के नाम शामिल हैं। जबकि वर्जिन मोबाइल, यूनिटेक और सिस्टेमा में हुए विदेश निवेश में फेमा उल्लंघन की जांच जारी है। इस मामले की जांच करने वाले ईडी के सहायक निदेशक राजेश्वर सिंह ने कंपनियों के खिलाफ सक्षम प्राधिकारी (एडजुकेटिंग अथारिटी) के सामने फेमा उल्लंघन की शिकायत दर्ज की है। फेमा कानून के तहत जांच अधिकारी द्वारा दर्ज शिकायत को आरोपपत्र के समान माना जाता है। यदि एडजुकेटिंग अथारिटी इसे सही पाती है तो इन कंपनियों पर फेमा उल्लंघन की राशि का तीन गुना तक जुर्माना लग सकता है। इसके अलावा सीबीआइ की चार्जशीट में शामिल कंपनियों के खिलाफ मनी लांड्रिंग रोकने के कानून के तहत जांच अलग से चल रही है। इन कंपनियों के खिलाफ इसके तहत जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी। राजेश्वर सिंह द्वारा दाखिल शिकायत में स्वान टेलिकॉम पर 3,608 करोड़ के फेमा उल्लंधन का आरोप लगाया है। ईडी ने कहा है कि यह उल्लंघन कंपनी ने एक समझौते के तहत घरेलू और विदेशी निवेशक को शेयर जारी करने में किया गया। कंपनी ने भारत सरकार के विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की अनुमति से बचने के लिए विदेशी निवेशकों को शेयर काफी ऊंची कीमत पर जारी किए। स्वान टेलिकॉम प्रा.लिमिटेड ने 23 सितंबर 2009 को हुए समझौते के अनुसार दुबई स्थित एतिसालात को 44.73 और चेन्नई की कंपनी जेनेक्स एक्जिम को 5.27 प्रतिशत शेयर जारी किए। जेनेक्स द्वारा किए गए 380 करोड़ रुपये को भी फेमा उल्लंघन की श्रेणी रखते हुए कहा गया है कि इस पैसे को स्रोत दुबई है और इसके लिए संबंधित विभागों को सूचित किया जाना चाहिए था। ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जेनेक्स एक्जिम में दुबई से आए पैसे के मूल स्रोत का पता लगाया जा रहा है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि समझौते के तहत विदेशी निवेशकों को शेयर जारी करते समय स्वान टेलिकॉम ने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के नियमों के प्रावधानों का भी कथित तौर पर उल्लंघन किया। वहीं ईडी ने लूप मोबाइल (मुंबई) और लूप टेलीकाम (दिल्ली) को क्रमश 431 करोड़ और 184 करोड़ रुपये के फेमा उल्लंघन का आरोपी पाया है। इन दोनों कंपनियों में विदेशी से लाए गए पैसे के बारे में निश्चित समय सीमा के भीतर संबंधित विभागों को जानकारी नहीं दी थी। एस टेल और वेलकम कम्यूनिकेश को 96 करोड़ और 12 करोड़ रुपये के फेमा उल्लंघन का आरोपी पाया गया है। सक्षम न्यायाधिकरण के समक्ष दायर शिकायत में ईडी ने कहा है कि वह टाटा समूह के संयुक्त उद्यम वर्जिन मोबाईल में भी विदेशी मुद्रा विनिमय नियमों के संदेहास्पद उल्लंघन की भी जांच कर रहा है|

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