Wednesday, April 27, 2011

कलमाड़ी पर चौतरफा कार्रवाई


 राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान 107 करोड़ के ठेके में गोलमाल के आरोप में गिरफ्तार किए गए सुरेश कलमाड़ी को दिल्ली की विशेष सीबीआइ अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें आठ दिन के लिए बतौर रिमांड सीबीआइ के हवाले कर दिया। सोमवार को गिरफ्तार होते ही कांग्रेस की ओर से निलंबित किए गए कलमाड़ी को मंगलवार को आनन-फानन में भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष पद से बर्खास्त कर दिया गया। इस पद पर वह पिछले 15 वर्षो से जमे थे। वह खेल आयोजन समिति के अध्यक्ष पद से पहले ही बर्खास्त किए जा चुके हैं। उन्हें अदालत में पेश होने के पहले एक गुस्साए युवक की चप्पलबाजी का भी शिकार होना पड़ा। भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने इस घटना को जायज व स्वाभाविक प्रतिक्रिया बताते हुए कहा कि सरकार अगर घूसखोरी को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाएगी तो जनता का गुस्सा तो फूटेगा। कलमाड़ी के खिलाफ उनके गृहनगर पुणे में भी लोगों का गुस्सा फूटा। यहां कांग्रेसजनों ने पार्टी कार्यालय में लगे उनके चित्र को निकाल फेंका और दफ्तर में तोड़फोड़ की। इस सबके अलावा सीबीआइ ने नई धाराएं लगाकर कलमाड़ी को 90 दिनों तक तिहाड़ जेल में रखने का बंदोबस्त कर दिया। पटियाला हाउस के विशेष सीबीआइ जज तलवंत सिंह की अदालत में मंगलवार दोपहर 2.15 बजे सीबीआइ ने कलमाड़ी, खेल आयोजन समिति के पूर्व संयुक्त महानिदेशक (खेल) एएसवी प्रसाद और आयोजन समिति के पूर्व उप महानिदेशक (व्यवस्था) सुरजीत लाल को पेश किया गया। जांच एजेंसी ने खेल घोटालों में पूर्व में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की तरह कलमाड़ी के खिलाफ आपराधिक षडयंत्र, धोखाधड़ी की धारा 120 (बी), 420 और भ्रष्टाचार निरोधक कानून-1988 की धाराएं 13 (1) (डी), 13 (2) तो लगाई ही हैं, तीन नई धाराएं 467, 468 471 अलग से जोड़ी हैं। नई धाराएं तिहाड़ जेल में पहले से बंद आयोजन समिति के पूर्व महासचिव ललित भनोट और महानिदेशक वीके वर्मा पर भी बढ़ाई गई हैं। न्यायाधीश ने अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से मुंबई से आए वकीलों के दल की दलीलें सुनीं और फिर सभी आरोपियों को 4 मई तक के लिए सीबीआइ हिरासत में भेज दिया। अदालत ने जांच एजेंसी को हर 48 घंटे बाद कलमाड़ी की स्वास्थ्य जांच कराने, रोजाना शाम 4 से 5 बजे के बीच 40 मिनट तक परिजनों और वकील से मिलने देने तथा घर का खाना मुहैया कराने का निर्देश दिया। सीबीआइ ने कलमाड़ी पर जो नई धाराएं लगाई हैं उनमें सात साल से लेकर उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान है। इसके चलते सीबीआइ को आरोप पत्र दाखिल करने के लिए 90 दिनों का समय मिलेगा। राष्ट्रमंडल खेलों के अलग-अलग घोटाले में सीबीआइ ने नवंबर से लेकर फरवरी तक पांच आला अधिकारियों संजय महेंद्रू, टीएस दरबारी, जयचंद्रण, केयूके रेड्डी, प्रवीण बक्शी को गिरफ्तार किया था। इन सभी पर जिन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था उसमें साठ दिनों के अंदर आरोप पत्र दाखिल करना था। सीबीआइ समय पर आरोपपत्र दाखिल नहीं कर सकी और सभी पांचों आरोपियों को जमानत मिल गई थी।

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