Tuesday, April 12, 2011

घोटालेबाजों पर अब मनी लांड्रिंग का घेरा


सीबीआइ की चार्जशीट के बाद अब 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के आरोपियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का शिकंजा कसने लगा है। मनी लांड्रिंग (अवैध संपत्ति को वैध बनाने) रोकने के कानून के तहत ईडी ने इन आरोपियों को नोटिस जारी कर दिया है। इनमें सीबीआइ की चार्जशीट में शामिल अनिल धीरूभाई अंबानी (एडीएजी) ग्रुप के तीन अधिकारियों के अलावा यूनिटेक के प्रबंध निदेशक संजय चंद्रा शामिल हैं। ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नोटिस सिर्फ उनको भेजा गया है, जिन्हें सीबीआइ ने अपनी चार्जशीट में आरोपी तो बनाया गया था, लेकिन गिरफ्तार नहीं किया था। इन सभी को अगले हफ्ते पूछताछ के लिए बुलाया गया है। वहीं, सीबीआइ द्वारा गिरफ्तार किए गए पूर्व संचार मंत्री ए. राजा, उनके पूर्व निजी सचिव आरके चंदौलिया, पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा और डीबी रियलिटी के पूर्व निदेशक शाहिद बलवा व विनोद गोयनका से पूछताछ के लिए ईडी अदालत से अनुमति मांगेगी। ये सभी फिलहाल न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में है। अदालत की इजाजत मिलने के बाद ईडी के अधिकारी जेल के अंदर ही इन आरोपियों से पूछताछ करेंगे। दरअसल, सीबीआइ की चार्जशीट के बाद आरोपी कंपनियों और व्यक्तियों के खिलाफ मनी लांड्रिंग रोकने के कानून के तहत कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। इस कानून के तहत ईडी घोटाले से आरोपियों को हुए लाभ का पता लगाकर उसे जब्त कर सकता है। ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान उन्हें हुए आर्थिक लाभ के बारे में ही सवाल पूछे जाएंगे। सीबीआइ ने अपनी चार्जशीट में एडीए ग्रुप के तीन अधिकारियों प्रबंध निदेशक गौतम डोषी, उपाध्यक्ष हरि नायर और सुरेंद्र पिपारा को आरोपी बनाया था। इसके साथ ही यूनिटेक, स्वान और रिलायंस टेलीकॉम का नाम भी चार्जशीट में शामिल है|

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