Friday, January 28, 2011

गांवों के नक्शे की आड़ में घोटाला


उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग के कुछ अभियंताओं का दिमाग विभागीय कार्यो में कम, घोटालों में ज्यादा रहता है। विभाग ने 2007-08 में नाबार्ड परियोजना के तहत कुल 146 नक्शे बनवाए थे। अभियंताओं ने अपनी जेब भरने के लिए डेढ़ दर्जन से ज्यादा पुराने नक्शों को नया बताकर पेश कर दिया। एक नक्शा तो 48 साल पुराना है। सींचपाल ने नक्शे पर ही यह लिखकर अभियंताओं को वापस कर दिया कि यह नक्शा सही नहीं है। अफसरों ने फर्जी नक्शे बनवाने व सरकारी धन के गबन के आरोपियों के खिलाफ जांच व विधिक कार्रवाई के निर्देश दिये है। नागरिक कल्याण भ्रष्टाचार एवं अपराध निवारण समिति के पदाधिकारी अजय शर्मा द्वारा सूचना अधिकार कानून के तहत मांगी गई जानकारी से घपलेबाजी उजागर हुई है। सिंचाई विभाग ने 2007-08 में नाबार्ड परियोजना के अन्तर्गत 146 नक्शे बनवाए गए थे। शर्मा ने आरटीआइ से जानकारी हासिल की तो घोटाला उजागर हुआ। शिकायत की गई तो जांच बैठी। तत्कालीन एक्सइएन ने 30 दिसंबर 2009 को सिंचाई खंड हाथरस के उप राजस्व अधिकारी की अध्यक्षता वाली चार सदस्यीय समिति को जांच का जिम्मा सौंपा। रिपोर्ट में कहा गया कि 3 लाख 66 हजार 135 रुपये की लागत से बनवाए गए 146 नक्शों में से 19 चकबंदी से पूर्व की सीटों से ट्रेस कर बनवाए गए हैं। चार नक्शे तो बने ही नहीं। आशंका यह भी है कि नए नक्शों में पुराने नक्शों को शामिल कर लिया गया। आबपासी वसूली के लिए 1962-63 के बने हुए नक्शे को 2010 में सींचपाल को दिया जाना इसी ओर इशारा करता है। खासबात यह है कि चन्द्रवीर नामक सींचपाल ने गत वर्ष 6 फरवरी को नक्शे पर ही नीले पेन से लिख दिया कि ग्राम चिंतापुर का नक्शा सही नहीं है। इस नक्शे की ठीक बायीं ओर ऊपर ग्राम का नाम चिंतापुर व जिला अलीगढ़ के साथ इसको बनाए जाने का वर्ष भी स्पष्ट लिखा है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब नए नक्शे तैयार हो गए तो पहले के नक्शे को क्यों प्रयोग किया जा रहा था। विधिक कार्रवाई के निर्देश हाथरस : फर्जी नक्शे बनवाने और राजकीय राशि के गबन के मामले का खुलासा होने पर एसडीएम सदर आरके सिंह ने सीओ को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। सीओ ने पुलिस से रिपोर्ट तलब की , उसके बाद एसडीएम को सौंप दी। सीओ ने अपनी रिपोर्ट में भी उप राजस्व अधिकारी की रिपोर्ट को सही माना और कहा कि दोषी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई होनी चाहिये। शर्मा ने विभागीय कार्रवाई न होने पर डीएम एनपी पाण्डेय को प्रार्थना पत्र दिया, जिसके बाद एसपी को विधिक कार्रवाई का निर्देश दिया गया। इस पूरे मामले से विभाग के अभियंताओं के होश उड़े हुए हैं। इस बारे में बात करने पर सिंचाई विभाग के एक्सइएन वी के अग्रवाल ने कहा, मामले से संबंधित कागजात मिले हैं। अभी इस बारे में पूरी जानकारी की जा रही है।

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