Thursday, January 13, 2011
सेना के दामन पर फिर जमीन घोटाले का दाग
आदर्श सोसाइटी मामले के बाद मुंबई के एक और जमीन घोटाले ने रक्षा मंत्रालय को हिला दिया है। कांदीवली-मलाड में रक्षा मंत्रालय की जमीन गैर कानूनी ढंग से निजी बिल्डर को बेचने को लेकर संदेह के घेरे में आए पूर्व सेना प्रमुख जनरल दीपक कपूर और पूर्व रक्षा राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की भूमिका ने सीबीआइ जांच की जमीन तैयार करनी शुरू कर दी है। इस मामले में रक्षा मंत्री एके एंटनी की टेबल पर पहुंची दक्षिणी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल प्रदीप खन्ना की रिपोर्ट ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की सिफारिश की है। इस संबंध में एंटनी ने कहा कि रिपोर्ट उन्हें मिल गई है और मामले की पड़ताल की जा रही है। वहीं, मामले पर सीबीआइ जांच की संभावना के बारे में पूछे जाने पर सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह का कहना था कि ऐसा ही कुछ करना होगा। हालांकि इस संबंध में पूर्व रक्षा राज्यमंत्री ने अपनी किसी गलती से इनकार किया है। उनका कहना था कि सौदे में उनके जिस कथित नोट की चर्चा की जा रही है उसकी तारीख नवंबर 2007 है। जबकि महाराष्ट्र सरकार ने जून 2007 में जमीन को बेच दिया था और उसी साल जुलाई में कब्जा भी दे दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि सौदा होने के चार महीने बाद लिखा गया नोट खरीद को कैसे प्रभावित कर सकता है? सवालों के घेरे में आए मुंबई के कांदिवली-मलाडक्षेत्र के भूखंड पर मालिकाना हक महाराष्ट्र सरकार का था। लेकिन 1942 से ऑर्डिनेंस डिपो इसका किरायेदार था। खारिज होगा बीएसएफ का विमान सौदा! नई दिल्ली, जाब्यू : विवादों में घिरा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के लिए दो परिवहन विमान खरीद का सौदा खारिज होने की ओर बढ़ रहा है। गृह मंत्रालय इस बात का मन बना रहा है कि धोखाधड़ी के आरोपों के चलते वायुसेना और बीएसएफ के बीच खींचतान का सबब बने सौदे को खत्म कर दिया जाए। सूत्रों के मुताबिक इस पर फैसला जल्द ही ले लिया जाएगा। चंद रोज पहले बीएसएफ ने इस बात की शिकायत की थी कि एक यूरोपीय कंपनी के साथ विमान खरीद मामले में वायुसेना अधिकारियों ने उसके अफसरों के जाली दस्तखत लिए हैं। वहीं मामले का खंडन कर रही वायुसेना ने इन आरोपों के मद्देनजर कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दे दिए हैं।
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