कॉमनवेल्थ खेल घोटालों की जांच अब सीबीआइ की नई टीम करेगी। पहले इस मामले की जांच सीबीआइ की दिल्ली की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा कर रही थी, लेकिन अब इसकी जांच सीबीआइ की केंद्रीय भ्रष्टाचार निरोधक शाखा करेगी। सीबीआइ के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार घोटाले की जांच में दिल्ली की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा की सुस्त चाल को देखते हुए निदेशक एपी सिंह को यह फैसला करना पड़ा। अक्टूबर 2010 के कॉमनवेल्थ खेलों में बड़े पैमाने पर घोटाले के आरोपों की जांच सीबीआइ की दिल्ली की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा को सौंपी गई थी। डीआइजी एसके पलसानिया की टीम तीन महीने की जांच के दौरान केवल चार एफआइआर ही दर्ज कर पाई। इनमें से दो एफआइआर क्वींस बेटन रिले के दौरान एएम फिल्म्स और एएम कार्स एंड वैंस को दिए गए ठेकों को लेकर हैं। वहीं तीसरी और चौथी एफआइआर स्विट्जरलैंड की कंपनी को टाइम, स्कोर और रिकार्ड के लिए 107 करोड़ रुपये के ठेके व 630 करोड़ रुपये के ओवरले के ठेके से संबंधित हैं। हालांकि नवंबर 2010 में एएम फिल्म्स व एएम कार्स व वैंस के केस में तीन अधिकारियों को गिरफ्तार करने वाली पलसानिया की टीम उनके खिलाफ चार्जशीट नहीं दाखिल कर सकी। इस कारण टीएस दरबारी, संजय महेंद्रू और जयचंद्रन को तकनीकी आधार पर जमानत भी मिल गई। उच्च पदस्थ सूत्रों की माने तो निदेशक एपी सिंह की कई हिदायतों के बाद भी पुरानी टीम न तो नई एफआइआर दर्ज करने में सफल हो पाई और न ही घोटाले के मुख्य आरोपी सुरेश कलमाड़ी के खिलाफ शिकंजा कस सकी। पुरानी टीम की नाकामी को देखते हुए सारे मामले की जांच अब डीआइजी राकेश अग्रवाल की अगुवाई वाली केंद्रीय भ्रष्टाचार निरोधक शाखा को सौंप दी गई है, लेकिन पुरानी टीम के अनुरोध पर उन्हें ओवरले और एएम फिल्म्स की जांच जारी रखने की इजाजत दे दी है। माना जा रहा है कि मधु कोड़ा, मायावती, तहलका और वार रूम लीक जैसे बड़े मामलों की सफलतापूर्वक जांच करने वाली राकेश अग्रवाल की टीम का शिकंजा जल्द ही सुरेश कलमाड़ी के खिलाफ कसेगा। टी सीरीज ने भेजा खेल आयोजकों को नोटिस मुंबई, एजेंसी : राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति की मुश्किलें खत्म होती नजर नहीं आ रहीं। अब संगीत कंपनी टी सीरीज ने राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति को कॉपीराइट एक्ट के उल्लंघन का नोटिस भेजा है। टी सीरीज ने आयोजकों से एक करोड़ रुपये की मांग की है। खेलों के आयोजन के दौरान आयोजकों ने बिना अनुमति लिए उन गानों का इस्तेमाल किया, जिनके अधिकार टी सीरीज के पास हैं। तीन से चौदह अक्टूबर के बीच आयोजित खेलों के दौरान जय हो (स्लमडॉग मिलेनियर), ढेन टे नेन (कमीने), ढोली तारो (हम दिल दे चुके सनम), धन्नो (हाउसफुल) जैसे गाने खूब बजाए गए थे। टी सीरीज के वरिष्ठ अधिकारी विनोद भानुशाली ने बताया कि आयोजकों ने इन गानों को बजाने की अनुमति तो ली थी, लेकिन खेल समारोह के दौरान उन्हें टीवी पर दिखाने की अनुमति नहीं ली थी।
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