Thursday, January 20, 2011

ई-मेल से होती थी ठेकेदारों से सौदेबाजी

कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाले की जांच में सीबीआई अब तक154 -मेल की जांच- पड़ताल कर चुकी है। सूत्रों के अनुसार सीबीआई को जांच में इस इस बात की जानकारी मिली है कि ठेकेदारों से -मेल के जरिए सौदेबाजी होती थी और बजट तैयार किया जाता था। सीबीआई द्वारा इस मामले में पूछताछ के लिए इस सप्ताह किसी भी दिन कलमाडी को बुलाया जा सकता है। सीबीआई को जांच में मालूम हो रहा है कि कॉमनवेल्थ गेम्स आयोजन समिति के अधिकारी घोटाला भी हाईटेक तरीके से करते थे। विभिन्न कामों के लिए ठेकेदारों और आयोजन समिति के अधिकारियों के बीच बैठकें तो होती थीं मगर सौदेबाजी का खेल हाईटेक तरीके से होता था। ठेका कैसा हो और ठेके की शत्रे क्या हों इसके लिए -मेल द्वारा बातचीत होती थी। ठेकेदारों द्वारा उपकृत होने का बेहतर ऑफर दिए जाने पर उनके हिसाब से ठेके की शत्रे तैयार की जाती थीं। सीबीआई ने फिलहाल 154 -मेल की जांच की है। ये मेल सिर्फ चार अधिकारियों के कम्प्यूटर के हैं। इन मेलों में सीबीआई को 54 मेल ऐसे मिले हैं जिसमें आयोजन अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच साठगांठ की बू मिली है। सीबीआई ने इन मेलों को आपराधिक षडयंत्र रचने के मामले के तहत रखा है। सीबीआई को 37 मेल ऐसे मिले हैं जिसमें ठेकेदारों के साथ खुलकर सौदेबाजी की बात है। आयोजन समिति के अधिकारी ठेकेदारों से -मेल के जरिए सीधे नहीं बल्कि घुमाफिरा कर अपने फायदे की बात करते थे। आयोजन समिति के अधिकारी के मेल के जवाब में ठेकेदार अपने हिसाब से ठेके की शत्रे तय करने को कहते थे और बजट की बात करते थे। सीबीआई ने पाया कि अधिकतर -मेल ओवरलेज के ठेके से संबंधित थे। कुछ -मेल क्विंस बेटन रिल से भी संबंधित हैं। सूत्रों के अनुसार सीबीआई ने जांच में यह भी पाया कि कुछ -मेल ठेके से पहले ही ठेकेदारों से बातचीत के हैं जिसे बाद में ठेका दिया गया। सूत्रों के अनुसार कुछ -मेल की जांच से पता चला है कि ठेका मिलने के बाद ठेका निरस्त किया गया। बाद में ठेकेदार द्वारा लोक लुभावन उपहार देने की पेशकश के बाद उसे ठेका दे दिया गया। सीबीआई अब उन अधिकारियों के निजी स्टाफ को बुलाकर पूछताछ करने वाली है। अभी घोटाले में बरामद किए गए कम्प्यूटरों में से तीन की ईमेजिंग चल रही है।

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