Monday, February 7, 2011

1.56 करोड़ का पीएफ घोटाला


क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम के मऊ, गाजीपुर और बलिया में स्थित आधा दर्जन स्टोरों पर तैनात 123 कर्मचारियों की भविष्य निधि के 1.56 करोड़ रुपये जमा ही नहीं किए गए। कर्मचारियों को फर्जी पीएफ खाता देकर गुमराह कर दिया गया। इस खेल का खुलासा हुआ आरटीआई से। इसको लेकर कर्मचारियों में खलबली मची हुई है। कर्मचारियों ने आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज कराने की कवायद शुरू कर दी है।
क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम रतनपुरा स्टोर पर सहायक मैनेजर के पद पर तैनात रामबेचन सिंह को आशंका थी कि आदेश के बाद भी उनका तथा उनके साथियों के पीएफ की रकम बैंक में जमा नहीं की जा रही। इस पर वे सजग हुए और आरटीआई एक्ट के तहत 28 नवंबर 2010 को क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम रतनपुरा मऊ कैंप कार्यालय जंगीपुर के मंत्री से इस संबंध में सूचना मांगी। इसका जवाब मंत्री रामप्यारे यादव द्वारा सात जनवरी को दिया गया। जिसमें उन्होंने उल्लेख किया कि कर्मचारियों की भविष्य निधि को पंजाब नेशनल बैंक बिशेश्वरगंज गाजीपुर में जमा किया गया है। इस सूचना पर बेचन सिंह को यकीन नहीं हुआ। उन्होंने 11 जनवरी 2011 को पंजाब नेशनल बैंक की शाखा से इसका ब्यौरा मांगा। इस दौरान 22 जनवरी को पंजाब नेशनल बैंक द्वारा भेजे गए पत्र से पता चला कि उनके यहां क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम, रतनपुरा की भविष्य निधि के नाम से कोई खाता ही नहीं है। एक खाता क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम, रतनपुरा के नाम से है लेकिन वे उसका डिटेल उन्हें उपलब्ध नहीं करा सकते। बेचन सिंह ने बताया कि 123 कर्मचारियों के काटे गए पीएफ के करीब एक करोड़ 56 लाख रुपये का घोटाला हुआ है। सिंह ने विभाग और बैंक से मिली जानकारी से जिले के सभी सक्षम अधिकारियों को अवगत करा दिया है। साथ ही आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने की कवायद में जुटे हैं। श्री गांधी आश्रम कैंप कार्यालय का जोनल आफिस जंगीपुर (गाजीपुर) में है। इसके अधीन आधा दर्जन स्टोर हैं। ये स्टोर मऊ के रतनपुरा के अलावा बलिया जिले के नगरा, बेल्थरारोड, गाजीपुर जिले के युसुफपुर, जंगीपुर व गाजीपुर नगर में हैं। इनके कर्मियों की संख्या 123 है।

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