सामान बटोर कर विदेश भागने की फिराक में जी एल इवेंट्स कंपनी की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। खेल गांव में इस कंपनी का कंटेनरों में रखा सामान रोक लिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क किया गया है कि अगले आदेश तक इस कंपनी का कोई भी सामान यहां से बाहर नहीं जाना चाहिए। सूत्रों का कहना है कि सीबीआइ के खेल गांव के निरीक्षण के बाद ऐसा किया गया है। कहीं ऐसा न हो कि जांच चलती रहे और कंपनी हाथ से निकल जाए। कंपनी के खिलाफ चल रही जांच के बाद ही इसे रिलीज किया जाएगा। उधर राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति व डीडीए के अधिकारियों का कहना है कि सामान उन्होंने नहीं रोका है और न ही उन्हें इस सामान से कोई लेना-देना है। सामान सीबीआइ ने रोका है। सीबीआइ ने इतना जरूर कहा है कि उनकी बगैर इजाजत कोई भी सामान खेल गांव से बाहर नहीं जाना चाहिए। राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों में मुख्य भूमिका निभाने वाली जी एल इवेंट्स कंपनी द्वारा चार कंपनियों के बनाए गए कंसोर्डियम ने राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति व डीडीए दोनों के लिए काम किया है। कंपनी ने खेल गांव की साज-सज्जा आदि का भी काम किया है। डीडीए के लिए इसी कंपनी ने खेल गांव में अस्थायी निर्माण के तहत वातानुकूलित टेंट लगाए थे। इसके अलावा खेल गांव के फ्लैटों में एलसीडी (टीवी) रखवाने का काम भी इसी कंपनी को मिला था। कंपनी ने सभी फ्लैटों से एलसीडी उठवा लिए हैं। सूत्रों का कहना है कि कंपनी ने एलसीडी दिल्ली के एक डीलर को बेच दिए हैं। तीन ट्रक सामान निकल भी गया है। बचा हुआ सामान रोक लिया गया है। मामला प्रकाश में आने पर इस पर सख्त निर्देश दिए गए हैं कि यदि कंपनी के लोगों के साथ गेट से कोई व्यक्ति सामान लेकर निकलता है तो उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाए। कंपनी का वह सामान कंटेनरों में बंद है जिसे फिर से वापस लाना था। कस्टम विभाग के अधिकारी इस सामान की जांच कर चुके थे और कंटेनरों पर ओके रिपोर्ट की चिट भी लगी है। मगर इसी दौरान सीबीआइ की टीम ने खेल गांव का दौरा किया है तथा संबंधित अधिकारियों को सामान रोकने के निर्देश दिए हैं।
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