कॉमनवेल्थ खेलों की लूट में हिस्सा पाने वालों में तत्कालीन विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर भी शमिल थे। खेल को सफल बनाने के लिए आयोजन समिति ने शशि थरूर की सलाह ली और इसके बदले में 30 हजार डालर (लगभग 13.50 लाख रुपये) का भुगतान भी कर दिया। यह अलग बात है कि थरूर ने खेलों के आयोजन को सफल बनाने की कोई सलाह आयोजन समिति को दी ही नहीं। हैरानी की बात यह है कि मंत्री रहते हुए थरूर ने अपना पता न्यूयार्क के पास इलााके पार्क एवेंयू का दिया और पेमेंट दुबई के एचएसबीसी बैंक में लिया। एक केंद्रीय मंत्री को विदेशी मुद्रा में भुगतान का आयोजन समिति के पास कोई जबाव नहीं है। दैनिक जागरण के पास मौजूद दस्तावेजों के मुताबिक खेलों के लगभग एक साल पहले सुरेश कलमाड़ी की अध्यक्षता वाली आयोजन समिति ने 9 जुलाई 2008 को अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा वाले शख्स को सलाहकार नियुक्त करने का फैसला किया और एक्जक्यूटिव मैनेजमेंट कमेटी से मंजूरी मिलने के पहले ही 24 जुलाई को थरूर को पत्र लिखकर चुने जाने की सूचना भी दे दी गई। जबकि सलाहकार की नियुक्ति के लिए आयोजन समिति की एक्जक्यूटिव मैनेजमेंट कमेटी की मंजूरी जरूरी है। यह मंजूरी बाद में 31 जुलाई को ली गई। दस्तावेजों के अनुसार थरूर ने सितंबर, अक्टूबर 2008 और जनवरी 2009 में चार-चार दिन (कुल 12 दिन) के लिए आयोजन समिति को सलाह दी। इसके एवज में जुलाई 2009 में थरूर को 2500 डालर प्रतिदिन के हिसाब से 30 हजार डालर का भुगतान किया गया। इसके अलावा दिल्ली के पांच सितारा होटल में रहने और घूमने-फिरने का खर्च आयोजन समिति ने अलग से उठाया।
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