2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के सिलसिले में जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी के निशाने पर अब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम करुणानिधि हैं। सीबीआइ की विशेष अदालत के समक्ष शनिवार को स्वामी ने इस मामले में करुणानिधि को आरोपी बनाने का पुरजोर आग्रह किया। 2जी मामले में दाखिल अपनी निजी शिकायत पर कार्रवाई के लिए वह अदालत में दलीलें पेश कर रहे थे। विशेष न्यायाधीश प्रदीप चड्ढा के समक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि 2जी मामले में सीबीआइ जो जांच कर रही है, उसके मुकाबले उनकी निजी शिकायत का दायर काफी व्यापक है। इसमें तमिलनाडु के मुख्यमंत्री की संलिप्तता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंता भी शामिल है। स्वामी विशेष जज चड्ढा के इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि एक ही आपराधिक मामले में जब सीबीआइ जांच चल रही है तो समानांतर कार्रवाई कैसे जारी रह सकती है। जांच एजेंसी ने इस मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और दो शीर्ष अधिकारियों को गिरफ्तार भी किया है। अदालत ने सुब्रह्मण्यम स्वामी की निजी शिकायत संबंधी अर्जी पर सीबीआइ को नोटिस जारी करते हुए 22 फरवरी को मामले की जांच से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने जांच एजेंसी से पूछा है कि क्या उसकी जांच के दायरे में राष्ट्रीय सुरक्षा के उस पहलू को जोड़ा गया है, जिसे स्वामी ने उठाया है। सुब्रह्मण्यम स्वामी ने अदालत से कहा कि वह द्रमुक नेता करुणानिधि को स्पेक्ट्रम घोटाले में आरोपी बनाने के लिए अर्जी दाखिल करना चाहते हैं, क्योंकि उनके पास इस मामले में करुणानिधि की संलिप्तता साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। सुब्रह्मण्यम स्वामी ने पिछले वर्ष 15 दिसंबर को अदालत के समक्ष अपनी निजी शिकायत दायर की थी। जिसमें उन्होंने आग्रह किया था कि उनकी याचिका पर संज्ञान लेते हुए मामले को तार्किक अंजाम तक पहुंचाने के वास्ते ए राजा को तलब किया जाए। अदालत ने 7 जनवरी को स्वामी की निजी याचिका को विचार योग्य ठहराया था। सुब्रह्मण्यम स्वामी ने अदालत से यह भी आग्रह किया था कि भ्रष्टाचार नियंत्रण प्रावधानों के तहत उन्हें सरकारी वकील के रूप में नियुक्त किया जाए। ताकि वह 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले का पर्दाफाश कर सकें।
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