Friday, September 28, 2012

घाटी में मुठभेड़, दो आतंकी ढेर, जवान शहीद




ब्यूरो, श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में मंगलवार को सुरक्षाबलों ने दो पाक प्रशिक्षित आतंकियों को मार गिराया। सुबह से जारी इस मुठभेड़ में सेना का एक जवान शहीद हो गया और एक सैन्य अधिकारी समेत दो सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। शहीद जवान की पहचान संदीप कुमार निवासी भिवानी, हरियाणा के रूप में हुई है। मुठभेड़ शाम तक जारी थी। चार से छह आतंकियों के सैन्यकर्मियों की घेरेबंदी में फंसे होने की संभावना है। सुरक्षाकर्मियों की अतिरिक्त टुकडि़यां मुठभेड़-स्थल पर पहुंच गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, मारे गए दोनों आतंकी व सुरक्षाबलों की घेरेबंदी में फंसे उनके अन्य साथी हाल ही में घुसपैठ कर कश्मीर पहुंचे थे। सेना या पुलिस के किसी अधिकारी ने फिलहाल कुछ भी कहने से इन्कार किया है। सोमवार रात सात से आठ आतंकियों का एक दल अरिहाल गांव में आया था। सुरक्षाबलों को इसकी भनक लग गई। 30-आरआर व पुलिस के जवानों ने मंगलवार सुबह-सुबह गांव में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान जवान जैसे ही आतंकियों के ठिकाने की तरफ बढ़े, उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी और राइफल ग्रेनेड भी दागे। गोलीबारी में एक जवान शहीद हो गया। जवानों ने जवाबी फायर करते हुए एक आतंकी को मार गिराया। संबंधित सूत्रों ने बताया कि नौ बजे के करीब आतंकियों की तरफ से कुछ देर के लिए फायरिंग बंद हुई थी। उनकी तरफ से हरकत न होते देख सुरक्षाबलों ने आगे बढ़कर मुठभेड़-स्थल की तलाशी लेने का प्रयास किया। जवानों को खुली जगह में देख, मकान में छिपे आतंकियों ने दोबारा गोलीबारी शुरू कर दी। जवान खुद को बचाते हुए जब तक जवाबी कार्रवाई करते, कुछ आतंकी मकान से सटी मस्जिद की आड़ लेते हुए निकटवर्ती खेतों में जा पहुंचे। उन्हें वहां सुरक्षाबलों ने घेर लिया। इस दौरान हुई गोलीबारी में एक और आतंकी मारा गया, जबकि एक अधिकारी व एक जवान घायल हो गए। मारे गए दोनों आतंकियों की पहचान नहीं हो पाई है। मुठभेड़-स्थल पर मौजूद एक अधिकारी के मुताबिक, मारे गए दोनों आतंकियों से मिले हथियार, मैट्रिक्स शीट, सेटेलाइट फोन की बरामदगी से साबित होता है कि वे हाल ही में सीमा पार से घुसपैठ कर, कश्मीर में दाखिल हुए हैं।
दैनिक जागरण राष्ट्रीय संस्करण, पेज 5 , 26-09-2012 vkradokn

पुंछ सीमा पर मारे गए दो लश्कर आतंकी




ठ्ठ जागरण संवाददाता, पुंछ जम्मू कश्मीर के सीमांत पुंछ जिले के कृष्णा घाटी सेक्टर की रोशनी पोस्ट के पास घुसपैठ का प्रयास कर रहे पांच आतंकवादियों में से दो को सेना के जवानों ने मार गिराया, जबकि तीन वापस लौट गए। मारे गए लश्कर के दो आतंकवादियों में एक अफगानी व दूसरा कश्मीरी है। दोनों के कब्जे से भारी मात्रा में गोलाबारूद, भारतीय मुद्रा, सीमावर्ती गांवों के नक्शे, पाक का उर्दू अखबार, दवाइयां व एनर्जी ड्रिंक बरामद हुए हैं। सेना के जवानों ने गुरुवार सुबह चार बजे के करीब सीमा पर हलचल देख मोर्चा संभाल लिया। जैसे ही आतंकियों का दल भारतीय क्षेत्र के करीब पहुंचा, जवानों ने उनसे हथियार डालने को कहा। इस पर आतंकवादी गोलियां बरसाने लगे। सेना के जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दिया। सुबह छह बजे तक सेना के जवानों ने दो आतंकवादियों को ढेर कर दिया, जबकि तीन आतंकी वापस भागने में सफल रहे। मृतकों की शिनाख्त लश्कर आतंकी और अफगानिस्तान निवासी अब्बू हनजाल उर्फ अब्बू ताला व अब्बू महाज निवासी कश्मीर के रूप में हुई है। जवानों को इनके पास से लाहौर से प्रकाशित उर्दू साप्ताहिक जरार भी मिली है। इस अखबार में राजौरी व पुंछ में अमेरिका के खिलाफ हुए प्रदर्शन की खबर प्रकाशित है। साथ ही सीमावर्ती गांवों के नक्शे भी बरामद हुए हैं। इसके अलावा 12 हजार भारतीय रुपया, एक एके राइफल, यूबीजीएल लांचर, एके राइफल की दस मैगजीन, एके राइफल की सौ गोलियां, दो रेडियो सेट, दो जीपीएस, रेडियो सेट के दो एंटीना, पाक का सिमकार्ड लगा एक मोबाइल फोन, तीन ग्रेनेड, आठ यूबीजीएल ग्रेनेड, पाक निर्मित जूस, एनर्जी डिं्रक, दवाइयां, कोड शीट के साथ अन्य सामान बरामद किया है। इस मुठभेड़ के बाद सेना ने सीमा पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।
 Dainik jagran National Edition PEj -5 28-9-2012 Terrorism 

Monday, September 24, 2012

1993 से कोयला ब्लॉक आवंटन की जांच करेगी सीबीआई


राजग कार्यकाल तक पहुंची जांच की आंच



नई दिल्ली (एसएनबी)। केंद्रीय सतर्कता आयोग से संदर्भ प्राप्त करने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कोलगेटकी जांच का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है । जांच एजेंसी ने साल 1993 के बाद हुए कोयले के ब्लॉकों के सभी आवंटनों की जांच करने का फैसला किया है । सीबीआई जिन मामलों की जांच करेगी उनमें राजग शासनकाल के दौरान आवंटित कोयले के ब्लॉकों के मामले भी होंगे । कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने केंद्रीय सतर्कता आयोग को पत्र लिखकर मांग की थी कि साल 1993 से आवंटित कोयले के सभी ब्लॉकों के मामलों की सीबीआई से जांच करायी जाए । गौरतलब है कि सरकार ने 1993 से ही निजी क्षेत्र को कोयले के ब्लॉकों का आवंटन शुरू किया था । सीबीआई जांच की मांग करते हुए जायसवाल ने हाल में सात सांसदों की ओर से लिखे गए पत्र को भी सीवीसी के पास यह कहते हुए भेजा था कि 1993 से 2004 के बीच उन आवंटनों की भी जांच सीबीआई से करायी जानी चाहिए जो राजग शासनकाल के दौरान हुए थे । सांसदों के पत्र में भारत सरकार की ओर से तय उस व्यवस्था की भी जांच की मांग की गयी जिसके तहत 1993 से 2004 के बीच कोयले के ब्लॉकों के आवंटन के लिए कंपनियों का चयन किया गया । पत्र में इस बात की भी जांच करने को कहा गया कि क्या सरकार की ओर से तय की गयी व्यवस्था का पालन किया गया और संयुक्त उपक्र मों के साझेदारों को किस तरह से चुना गया । सीवीसी ने सभी शिकायतें सोमवार को सीबीआई के पास भेज दिया ताकि वह मामले की जांच कर सके । जांच एजेंसी जल्द ही मामले (शेष पेज 2)
सीवीसी के कहने पर सीबीआई जल्द शुरू करेगी जांच कोयला मंत्री ने लिखा था सीवीसी को इस बारे में पत्र
निजी कंपनियों को खदानों का आवंटन होगा रद्द -पेज 09

राष्ट्रीय  सहारा  दिल्ली संस्करण पेज 1, 25-9-2012 Hkz”Vkpkj