इन ब्लॉकों के आवंटन में हुई अनियमितताओं की जांच के साथ ही झारखंड सरकार द्वारा निजी कंपनियों के साथ हुए 10 कोल ब्लॉक एमओयू को रद्द करने की भी जांच कर रही है सीबीआई
कुणाल/एसएनबी नई दिल्ली। कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले की जांच कर रही सीबीआई के स्कैनर पर झारखंड के 27 और कोल ब्लॉक आ गए हैं। सीबीआई जहां इन ब्लॉकों के आवंटन में हुई अनियमितताओं की जांच कर रही है, वहीं राज्य सरकार द्वारा निजी कंपनियों के साथ हुए 10 कोल ब्लॉक समझौते के (एमओयू) को रद्द किए जाने की भी जांच कर रही है। सीबीआई ने इस मामले में आयकर विभाग और ईडी से भी सहायता मांगी है। कोयला ब्लॉक आवंटन में हुई अनियमितता की जांच में सीबीआई ने झारखंड में 27 कोल ब्लॉक के आवंटन की जांच करना शुरू कर दिया है। सीबीआई ने दस्तावेज की जांच के बाद पाया कि इसमें भारी अनियमितताएं बरती गई हैं। उधर, सीबीआई राज्य सरकार द्वारा निरस्त किए गए उन 10 एमओयू की भी जांच कर रही है, जिनमें राज्य सरकार ने निजी कंपनियों को कोल ब्लॉक आवंटित किए थे। बृहस्पतिवार को हुई सीबीआई के आला अधिकारियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इस मामले में आयकर विभाग के इंटेलीजेंस विंग से भी सहायता ली जाए। सीबीआई ने ईडी से भी इस मामले में सहायता मांगी है। आयकर विभाग ने पहले से ही 300 से ज्यादा कोल ट्रेडिंग कंपनियों की सूची तैयार कर ली है और पता लगा रही है कि किस कंपनी ने कर की चोरी की। सूत्रों के अनुसार सीबीआई ने जांच में पाया कि फतेहपुर स्थित कोल ब्लॉक, जो छत्तीसगढ़ में है, के आवंटन में काफी अनियमितताएं बरती गई हैं। कोल ब्लॉक में सिर्फ जेएलडी यवतमाल एनर्जी लिमिटेड को आवंटित किया गया था। इसने आवेदन में कई गलत जानकारी दी थी। इस कंपनी ने आवेदन में अपनी कंपनी की कुल पूंजी 20544.19 करोड़ रुपए दिखाई जबकि इसकी पूंजी इतनी नहीं थी। इसने अपने पूरे कंपनी ग्रुप की पूंजी दिखाई।
राष्ट्रीय सहारा दिल्ली संस्करण पेज 9, 08-09-2012 Hkz”Vkpkj

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