Tuesday, September 11, 2012

कैग ने भी बर्बाद किया संसद सत्र


नई दिल्ली, प्रेट्र : प्रधानमंत्री के हालिया बयान से इतर कांग्रेस ने सोमवार को सीधे कैग (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) पर हमला बोल दिया। पार्टी का कहना है कि कोयला खदान आवंटन पर संसद का मानसून सत्र बर्बाद करने के लिए भाजपा के साथ कैग भी जिम्मेदार है। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने रिपोर्ट के विचाराधीन रहते भाजपा के एक वरिष्ठ नेता द्वारा कैग को किए गए टेलीफोन पर सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि क्या यह कैग और भाजपा के दिमागों के मिलन का नतीजा है? या यह महज इत्तेफाक है या इससे भी अधिक कोई बात है। टेलीफोन करने वाले भाजपा नेता का नाम पूछने पर उन्होंने कहा कि पहले उनकी तरफ से खंडन आने दीजिए। इसके बाद हम नाम का खुलासा कर देंगे। उन्होंने कैग की विश्र्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि रिपोर्ट में कई गलतियां स्पष्ट दिखाई पड़ती हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने पूछा कि विनोद राय क्या अपने पूर्ववर्ती टीएन चतुर्वेदी के नक्शेकदम पर चल रहे हैं। अगर इतिहास एक बार अपने को दोहराता है तो दुखद है लेकिन अगर यह दूसरी बार भी दोहराए तो तमाशा बन जाता है। यहां भी कुछ ऐसा ही हो रहा है, जो कि विचित्र है। 80 के दशक में बोफोर्स सौदे पर चतुर्वेदी की रिपोर्ट को आधार बनाकर लोकसभा में समस्त विपक्ष ने इस्तीफा दे दिया था। बाद में चतुर्वेदी भाजपा में शामिल हो गए थे। कैग द्वारा दर्शाए गए निजी कंपनियों को 1.86 लाख करोड़ के फायदे पर मनीष तिवारी ने गणना पद्धति और आधार पर सवाल खड़े किए। जब उनका ध्यान प्रधानमंत्री के बयान की ओर आकर्षित किया गया, जिसमें उन्होंने कैग के सम्मान की बात कही थी तो उन्होंने कहा कि इस पर प्रधानमंत्री और पार्टी में मतभेद नहीं है। कैग रिपोर्ट में खामियों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय का वार्षिक बजट 16 हजार करोड़ रुपये है जबकि कैग का कहना है कि मंत्रालय के पास एक लाख 16 हजार करोड़ रुपये का हिसाब-किताब नहीं है। उनसे जब पूछा गया कि कैग की क्या कांग्रेस को कोई निजी दुश्मनी है? पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि सवाल निजी दुश्मनी या यह नहीं है कि कैग का गठन किसने किया बल्कि रिपोर्ट तैयार करने के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ प्रश्न उठा रहे हैं।


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