Friday, September 21, 2012

नसीमुद्दीन के खिलाफ सतर्कता जांच के आदेश




ठ्ठ जागरण ब्यूरो, लखनऊ सरकार ने बसपा के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के खिलाफ सतर्कता जांच के आदेश दिए हैं। सिद्दीकी के खिलाफ लोकायुक्त एनके मेहरोत्रा ने अधिकारों के दुरूपयोग और आय से अधिक संपत्ति की शिकायतों को प्रथम दृष्टया सही मानते हुए सरकार से सीबीआइ या राज्य की किसी सक्षम एजेंसी से जांच कराने की सिफारिश की थी। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को सिद्दीकी के खिलाफ सतर्कता जांच के आदेश कर दिए। बांदा के आशीष सागर ने नवंबर में लोकायुक्त के समक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी के खिलाफ बांदा में अकूत संपत्ति एकत्र करने की शिकायत दर्ज कराई थी। सिद्दीकी भी बांदा के निवासी हैं। लोकायुक्त पहले भी नसीमुद्दीन सिद्दीकी के खिलाफ लखनऊ व बाराबंकी में भी संपत्ति अर्जित करने के साथ ही अधिकारों के दुरुपयोग की एक अन्य शिकायत पर किसी सक्षम एजेंसी से जांच की सिफारिश कर चुके थे, जिसे मायावती सरकार ने खारिज कर दिया था। लोकायुक्त ने सागर की शिकायत की जांच कर उसे अखिलेश सरकार को भेजा। इस पर सतर्कता जांच के आदेश दिए। जांच में लोकायुक्त ने पाया कि मंत्री पद पर रहते हुए सिद्दीकी ने अधिकारों का जमकर दुरूपयोग कर आय से अधिक संपत्ति अर्जित की, नियमों के विपरित करीबियों को पट्टे आवंटित किए। पूर्व मंत्री के संरक्षण में परिवारजनों व कई करीबियों ने नजूल की भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जा किया, जो बरकरार है। लोकायुक्त की जांच के मुताबिक पूर्व मंत्री ने करोड़ो रुपये बेटे की कंपनियों में लगा रखे हैं। पूर्वमंत्री के पुत्र अफजल को आठ बार पूछताछ के लिए बुलाया गया, लेकिन वह एक बार आया, उसने लोकायुक्त से कहा कि वह कोई लोकसेवक नहीं है लिहाजा उसे पूछताछ के लिए बुलाया नहीं जा सकता। लोकायुक्त के मुताबिक पड़ताल में पाया गया कि अफजल की पांच कंपनिया दिल्ली, कानपुर व अमरोहा में रजिस्टर्ड हैं। बैलेंस सीट की जांच में यह दिखाया गया है कि तीन वर्ष में इनकी पूंजी 15.4 लाख से बढ़कर एक करोड़ 66 लाख हो गई जबकि टर्न ओवर 37.68 से घटकर 7.78 से लाख हो गया इससे साफ है कि संबधित दस्तावेजों में हेरफेर की गई। इनमें नियमों के विपरित करीब दो करोड़ 23 लाख रुपये लोन का भी जिक्र है। लोकायुक्त के मुताबिक पूर्व मंत्री ने बांदा में संपत्ति की कीमत 77 लाख 16 हजार दर्शाया है जबकि इसकी कीमत एक करोड़ तीन लाख से अधिक है। जांच में यह भी पता चला कि पूर्व मंत्री के भाई नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बांदा में स्कूल के नाम पर नजूल की जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। पूर्व मंत्री के करीबी फिदा हुसैन, रऊफ सिद्दीकी ने कई एक एकड़ नजूल भूमि व एक अन्य परिवारजन जुबैरुद्दीन सिद्दीकी ने डिग्री कालेज के नाम पर ग्रामसभा की जमीन पर अवैध कब्जे कर रखे हैं। जिला प्रशासन के नोटिस का इन पर कोई फर्क नहीं पड़ा।

दैनिक जागरण राष्ट्रीय संस्करण पेज -4,21 -9-2012 Hkz”Vkpkj

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